पिता की मौत के बाद उठा मां का साया, 11 साल की मासूम बेसहारा; सड़क हादसे में गई इशू की जान
ऊधमपुर में एमएच चौक पर हुए सड़क हादसे में बिजली विभाग की इशू शर्मा की मौत हो गई। उनकी 11 ...और पढ़ें

बिजली विभाग की महिला कर्मचारी इशू शर्मा की मौत।
HighLights
इशू शर्मा की ऊधमपुर में सड़क हादसे में मौत
11 वर्षीय बेटी ने खोई मां, पहले पिता भी गुजर चुके थे
बिजली विभाग में कार्यरत थीं इशू, परिवार पर दुखों का पहाड़
जागरण संवाददाता, ऊधमपुर। हर रोज की तरह शुक्रवार को भी 11 साल की बच्ची स्कूल की छुट्टी के बाद अपनी मां के आने का इंतजार कर रही थी। उसे क्या पता था कि स्कूल से लौटने के बाद जिस मां के साथ वह रोज घर जाया करती थी वह अब उसे उसे लेने कभी नहीं पहुंच पाएगी।
बेटी तक पहुंचने से कुछ ही दूरी पहले एमएच चौक पर हुए सड़क हादसे ने उसकी मां इशू शर्मा की जिंदगी छीन ली। पिता को पहले ही खो चुकी बच्ची के सिर से अब मां का साया भी उठ गया।
इशू के सहकर्मियों के मुताबिक उसके पति साहिल शर्मा की कुछ वर्ष पूर्व बिमारी की वजह से मौत हो गई थी। पति की मृत्यु के बाद इशू को एसआरओ के तहत बिजली विभाग में नौकरी मिली थी।
इशू की मौत से परिवार में सदमा
सहकर्मियों के अनुसार साहिल शर्मा को भी बिजली विभाग में ही कार्यरत अपने पिता की मृत्यु के बाद उनके स्थान पर नौकरी मिली थी। समय के साथ परिवार ने एक के बाद एक अपनों को खोया और अब इशू की मौत ने परिवार को एक और गहरा सदमा दे दिया।
पति के गुजर जाने के इशू की दुनिया उसकी बेटी के इर्द-गिर्द ही सिमटी हुई थी। निजी स्कूल में पढ़ने वाली बेटी को स्कूल की छुट्टी के बाद इंतजार न करना पड़े, इसलिए वह लगभग रोज उसे स्वयं लेने जाती थी।
बेटी को लेने स्कूल जा रही थी इशू
मगर आज हुए दुखद हादसे ने एक बेटी से उसक मां को छीन कर उसे अनाथ बना कर उसे ऐसा जख्म और दर्द दिया है, जो शायद ही कभी भर पाएगा। इसका दर्द उसे जीवन भर महसूस होगा।
सहकर्मियों के मुताबिक ससुराल परिवार में अब बुजुर्ग सास और देवरानी हैं। उनके मुताबिक इशू के देवर की भी पहले मौत हो चुकी है। लगातार अपनों को खोते आए इस परिवार के लिए शुक्रवार का हादसा एक और बड़ी त्रासदी लेकर आया।
सबसे बड़ा आघात उस 11 वर्षीय बच्ची के हिस्से आया है, जिसने पहले पिता को खोया और अब मां को भी। जिस उम्र में बच्चे माता-पिता की छांव में भविष्य के सपने देखते हैं, उसी उम्र में उसके सामने जिंदगी ने एक ऐसी रिक्तता खड़ी कर दी है जिसे भर पाना आसान नहीं होगा।
