जागरण संवाददाता, ऊधमपुर: रविवार रात को लोग जब सोए तो सबकुछ सामान्य था। मगर सुबह होते ही शहर में धारा 144 लगी हुई पाई। मोबाईल इंटरनेट सेवाएं ठप कर दी गई। प्रशासन ने जिस तरह से धारा 144 के फैसले को मध्यरात्रि में गुपचुप तरीके से लागू किया। उससे लोगों में दिन भर असमंजस की स्थिति बनी रही। मगर बिल पेश होने के साथ ही खुशी का माहौल बन गया। हालांकि धारा 144 के तहत इस खुशी का इजहार लोग नहीं कर सके। मगर कुछ जगहों पर संगठनों और बार एसोसिएशन ने धारा 370 के खात्मे का जश्न भी मनाया।

पूरे राज्य और यहां तक संभाग के सभी हिस्सों में सुरक्षा बलों की अतिरिक्त कंपनियों की तैनाती होने लगी थी। ऊधमपुर में सुरक्षा बलों की तैनाती का काम भी बेहद गुपचुक तरह से हुआ। यहां तक दो दिन पहले पूछने पर पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों तक ने सब कुछ सामान्य और अतिरिक्त तैनाती न होने की बात कही। रविवार रात तक स्थिति सामान्य थी। बाजार में दुकानें सामान्य तरीके से बंद हुई। सोमवार को ऊधमपुर में नागा( दुकानों को बंद रखने) का दिन होता है। इस वजह से व्यापारी वर्ग रोज की तरह जल्दी उठने की बजाए आराम से उठे। वहीं ज्यादातर स्कूल व कॉलेज के विद्यार्थी तैयार होने में लग गए। कुछ बच्चे तैयार हो रहे थे तो कुछ तैयार होकर स्कूलों को निकल चुके थे।

रात से ही मोबाईल इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई थी। जिसके चलते स्कूल कॉलेज बंद करने की सूचना सभी लोगों तक नहीं पहुंच सकी। कुछ बच्चों को स्कूल जाकर वापिस लौटना पड़ा। तो कुछ स्कूलों के शिक्षकों ने परिजनों को सूचित कर शिक्षण संस्थान बंद होने की सूचना दी।

सुबह लौ लगने तक भी शहर में स्थित सामान्य थी। लौ लगने के साथ विभिन्न चौक चौराहों पर इक्का दुक्का पुलिस कर्मी के साथ सुरक्षा बलों के जवान तैनात नजर आए। मगर यह किसी को कोई रोक टोक नहीं कर रहे थे। इसके बाद जैसे जैसे समय बीतता गया, वैसे शहर में हर चौक पर सुरक्षा बलों के जवानों की संख्या में ईजाफा होने लगा। इसके बाद सुरक्षा बल के जवानों ने धीरे-धीरे लोगों को घरों को को वापिस लौटाना शुरु कर दिया। दुकानों सहित सभी खुले हुए प्रतिष्ठानों को बंद करवा दिया।

सुबह 9 से लेकर दस बजे तक सुरक्षा बलों ने इतनी सख्ती कर दी कि शहर में आने वाले सभी रास्तों को लगभग सील सा कर दिया। बेहद आवश्यक होने या आपात स्थिति में ही लोगों छोड़ा गया। बिल पेश होने से पहले तक शहर में क‌र्फ्यू जैसे हालात नजर आए। बिल पेश होने के बाद शहर के अंदर और बाहर विभिन्न रास्तों पर कंस्ट्रीना वायर लगा कर उनको बंद कर दिया गया। दोपहर तक शहर में सख्ती रही। बाद दोपहर थोड़ी नर्मी बरती गई। सड़क पर लोगों को निकलने दिया गया। बाजार में कुछ सब्जी, फल व अन्य चीजों की रेहड़यिां भी लगने दी गई। जहां पर लोगों ने घरों के लिए फल व सब्जी की खरीददारी की। शाम होने तक स्थिति सामान्य रही। बाक्स---

स्थिति रही पूरी तरह सामान्य

धारा 370 को लेकर सरकार द्वारा लिए गए फैसले के बाद ऊधमपुर जिला में कहीं पर किसी तरह की कोई अप्रीय घटना नहीं घटी। ऊधमपुर जिला में कहीं इस फैसले के विरोध में कोई प्रदर्शन नहीं हुई और न ही किसी तरह कोई विवाद की सूचना है।

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कोई यात्री वाहन नहीं चला

ऊधमपुर में लागू धारा 144 के चलते सोमवार को सड़कें पूरी तरह वीरन रही। सड़कों पर न मेटाडोरों को चलने दिया गया और न ही बसों को। जिस वजह से सरकारी दफ्तरों को आने जाने वाले लोगों को परेशानी हुई। मरीजों को अस्पताल तक जाने के लिए ऑटो या टैक्सी किराये पर लेनी पड़ी, या अपने या लोगों के वाहनों का प्रयोग करना पड़ा। इसके लिए भी उनको सुरक्षा बलों से आपात स्थिति के चलते जाने की अनुमति लेनी पड़ती रही। बाक्स---

पुलिस ने खुली दुकानों को करवाया बंद

धारा 144 लागू होने की खबर मिलते ही लोग परेशान हो उठे। क्या होने वाला है और यह स्थिति कब तक रहेगी, कुछ भी स्पष्ट न होने की वजह से लोग घर में राशन व अन्य चीजों का भंडारण करने में लग गए। सोमवार को नागा के चलते बाजार वैसे भी बंद रहता है, मगर लोग जरूरत की चीजें खरीद सकें, बीच बीच में हर तरह की कुछ दुकानें खुली रहती है। सुबह के समय सबसे ज्यादा भीड़ किरयाना की दुकानों में रही। जिन दुकानदारों के घर के बीच ही दुकानें या दुकानें घर के साथ स्थित है। लोगों ने उनके घर पहुंच कर दुकानें खुलवा कर राशन का सामान की खरीददारी की। मगर बाद में पुलिस ने खुली हुई इन दुकानों को भी बंद करवा दिया।

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पेट्रोल भरवाने के लिए मची मारामारी

बंद की वजह से ऊधमपुर में पेट्रोल पंपों पर सुबह से ही तेल भरवाने के लिए बड़ी संख्या में लोग वाहन लेकर पहुंच गए। समय के साथ पेट्रोल पंपों पर वाहनों की भीड़ बढ़नी शुरु हो गई। थोड़ी ही देर में तेल भरवाने के लिए मारामारी मच गई। जिससे स्थिति बिगड़ने की आशंका के मद्देनजर प्रशासन ने पुलिस की मदद से सभी पेट्रोल पंपों को बंद करवा दिया। हर पंप पर बड़ी संख्या में पुलिस बलों को तैनात कर दिया। सुरक्षा बलों ने किसी भी वाहनों को पेट्रोल पंप की तरफ आने ही नहीं दिया। जैसे ही कोई वाहन पेट्रोल पंप की तरफ मुड़ने लगता सुरक्षा बल सीटियां बजा कर उसे सड़क की तरफ से जाने का ईशारा करते या वापिस लौटा देते। समाचार लिखे जाने तक स्थिति ऐसी ही बनी रही। वहीं शहर में एक किनारे पर स्थित कुछ पेट्रोल पंपों और शहर से बाहर स्थित पंपों पर लोगों को पेट्रोल उपलब्ध रहा। बाक्स---

बंद की खबर न होने के कारण बनाया खाना मुफ्त बांटा

गुपचुप तरीके से धारा 144 लागू करने की वजह से कुछ लोगों को नुकसान भी हुआ। सुबह बंद रहने की पूर्व सूचना न होने की वजह से कुछ ढाबे वालों ने खाना तैयार कर लिया। मगर इसके बाद सुबह दस बजते ही ढाबों को भी सुरक्षा बलों ने बंद करवा दिया। जिसके चलते तैयार खाना ढाबों में रख कर ढाबे वालों को ढाबे बंद करने पड़े। अंदर पड़े तैयार खाना खराब हो जाता। जिसके चलते ढाबे वालों ने सुरक्षा बलों से अनुमति लेकर तैयार खाने को सड़क से गुजरने वाले राहगीरों और आसपास रहने वाले घरों के लोगों को मुफ्त में बांट दिया। बाक्स---

अस्पताल की ओपीडी में भी पहुंचे कम मरीज

धारा 144 की वजह से सोमवार को जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या भी कम रही। जिला अस्पताल में ओपीडी अपने निर्धारित समय तक चली। मगर धारा 144 के चलते वाहनों की उपलब्धता न होने वजह से रोजाना होने वाली ओपीडी के मुकाबले 50 फीसद से भी कम मरीज पहुंचे। अक्सर भरी रहने वाले जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भी गिनती के ही मरीज नजर आए।

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Posted By: Jagran

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