जागरण संवाददाता, राजौरी : राजौरी शहर से लोगों की आवाजाही वाले व्यस्त क्षेत्र अब्दुल्ला पुल कर समीप शुक्रवार दोपहर को एक दो साल की बच्ची लावारिस हालत में रोती हुई घूम रही थी। जिसके हाथ में एक छोटा पालीथिन बेग था उससे पूछताछ की तो वह कुछ भी नहीं बता सकी। हां उसे जब उठाया तो वह चुप जरूर हो गई। आस पास में खड़े , आवाजाही करने वाले लोगों व रेहड़ी फड़ी वालों की नजर उस पर पड़ी तो एक एक कर उसके पास आते और उसे दिलासा देते। बच्ची की आंखे काली , रंग गोरा ,बॉय हेयर कटिग, चेक की कुर्ती-पजामी, ऊनी स्वेटर पहने हुई थी और उसके हाथ मे एक लिफाफा था। बाद में उठाने पर उसने रोना बंद कर दिया और वह हल्की मुस्कुराने लगी।

घटना की जानकारी गुज्जर मंडी चौराहे पर पीएचई अस्थायी कर्मचारियों की रैली में सुरक्षा व्यवस्था के लिए तैनात पुलिस थाना राजौरी के प्रभारी को दी गई और पुलिस जवान ने भीड़बाड़ वाली जगह से उसे उठा कर गुज्जर मंडी लाया। वहां से उसे मोटरसाइकिल पर राजौरी पुलिस थाना पहुंचाया गया। वहीं पुलिस ने मामला दर्ज कर बच्ची को मां-बाप तक पहुंचाने की कार्रवाई शुरू कर दी, लेकिन बच्ची के अभिभावकों का अभी तक कोई सुराग नहीं मिली है। पुलिस ने इस संबंध में सभी थानों व चौकियों को भी सूचित कर दिया है।

Posted By: Jagran

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