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रियासी रामलीला: रावण के छल से सीता हरण पर थमीं दर्शकों की सांसें, राम विलाप के दृश्यों से भावुक हुए दर्शक

Published: Sat, 17 Oct 2026 02:12 PM (IST)

रियासी में रामलीला के दौरान सीता हरण और राम के विलाप के दृश्यों ने दर्शकों को भावुक कर दिया। श्री ...और पढ़ें

रियासी के ओपन एयर थिएटर में मारीच की झोपड़ी प्रसंग का मंचन करते कलाकार।

रियासी के ओपन एयर थिएटर में मारीच की झोपड़ी प्रसंग का मंचन करते कलाकार।

HighLights

  1. सीता हरण और राम विलाप दृश्यों ने दर्शकों को भावुक किया

  2. मारीच की झोपड़ी प्रसंग का प्रभावशाली मंचन किया गया

  3. कलाकारों ने छल, संघर्ष और विरह को जीवंत किया

संवाद सहयोगी, रियासी। नवरात्र के पावन महीने में रामलीला का अदभुत आनंद हर किसी को आनंदित कर देता है। जम्मू-कश्मीर के रियासी में रामलीला में शुक्रवार को सीता हरण और उसके बाद राम के विलाप के दृश्यों ने दर्शकों को भावुक कर दिया।

श्री दुर्गा नाटक मंडली की ओर से स्थानीय ओपन एयर थिएटर में प्रस्तुत मंचन में छल, संघर्ष और विरह के प्रसंगों को कलाकारों ने प्रभावशाली ढंग से जीवंत किया।

बता दें कि जम्मू-कश्मीर के रियासी स्थित ओपन एयर थिएटर में श्री दुर्गा नाटक मंडली द्वारा आयोजित रामलीला में शुक्रवार को सीता हरण और राम विलाप के दृश्यों का मंचन किया गया।

कलाकारों के जीवंत अभिनय, छल, संघर्ष और विरह के प्रसंगों ने उपस्थित दर्शकों को भावविभोर कर दिया। मारीच के स्वर्ण मृग बनने से लेकर रावण द्वारा साधु वेश में छलपूर्वक सीता हरण और जटायु के युद्ध का प्रभावशाली मंचन किया गया।

मारीच की झोपड़ी के दृश्य ने किया भावुक

मंचन में पहले मारीच की झोपड़ी का दृश्य प्रस्तुत किया गया, जिसमें रावण और मारीच को सीता हरण की योजना बनाते दिखाया गया। इस दृश्य में दोनों ही वरिष्ठ कलाकार जोगिंदर सिंह ने रावण और केवल कृष्ण गडालिया ने मारीच की भूमिका को काफी प्रभावशाली तरीके से निभाया।

मारीच का मृग रूप लोगों को भाया

इसके बाद सीता हरण के दृश्य में मारीच स्वर्ण मृग का रूप धारण कर राम को कुटिया से दूर ले जाता है। सीता के कहने पर लक्ष्मण भी राम की सहायता के लिए कुटिया से निकल जाते हैं।

रामविलाप को देख पसीजा लोगों का दिल

इसके बाद रावण साधु का वेश धारण कर छलपूर्वक सीता का हरण कर ले जाता है। रास्ते में रावण का प्रतिरोध करते समय जटायु के घायल होकर गिरने के दृश्य का प्रभावशाली मंचन किया गया।

अंतिम दृश्य रामविलाप में राम और लक्ष्मण के कुटिया लौटने पर सीता को वहां न पाकर राम के विलाप और उनकी तलाश के प्रसंग ने दर्शकों को भावुक कर दिया।

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