संवाद सहयोगी, रियासी : श्री दुर्गा नाटक मंडली रियासी द्वारा ओपन एयर थिएटर में जारी रामलीला मंचन में शुक्रवार को सीता स्वयंवर का मंचन किया गया। लगभग डेढ़ घंटा चले दृश्य में दो दर्जन कलाकारों ने अपनी कला के जलवे बिखेरे। इसमें धनुष उठाने में विफल रहने वाले राजकुमारों का मजाक उड़ाया गया। रावण का स्वयंवर में बिना आमंत्रण के पहुंचना और उसके बाणासुर से टकराव भरे संवाद पर दर्शकों ने खूब तालियां बजाई। भगवान राम द्वारा शिव धनुष को तोड़कर सीता संग ब्याह रचाने के दृश्य पर थिएटर श्री राम के जयघोष से गूंज उठा। इसके बाद शिव धनुष टूटने से क्रोधित परशुराम के सभा में पहुंचने पर परशुराम और लक्ष्मण के बीच टकराव भरे संवादों ने दृश्य को प्रभावशाली बना दिया। बाद में श्री राम के भगवान विष्णु का अवतार होने का पता चलने पर परशुराम का क्रोध ठंडा हुआ। सचदेव ¨सह ने जनक, शिवानी बमोत्रा ने सीता, शील मगोत्रा ने राम, राहुल देव ने लक्ष्मण, अतुल केसर ने विश्वामित्र, सन्नी राजपूत ने रावण, आकाश ने बाणासुर, अरुण वर्मा ने परशुराम और विशाल पंडोह ने भाट के किरदार में प्रभावशाली अभिनय किया। सीता स्वयंवर दृश्य देखने के लिए दर्शकों विशेषकर महिलाओं की संख्या अधिक रही।

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