संवाद सहयोगी, किश्तवाड़ : मचैल यात्रा को आए एक श्रद्धालु की दिल का दौरा पड़ने से सोमवार रात को मौत हो गई। मृत श्रद्धालु की पहचान गिरधारी लाल (55) पुत्र संतराम निवासी अखनूर वार्ड नंबर एक के रूप में हुई है।

जानकारी के अनुसार गिरधारी लाल को सोमवार रात के समय सीने में दर्द हुआ। उसके साथी उसे वहां डिस्पेंसरी में ले गए, जहां पर डॉक्टरों ने उसका इलाज करने का प्रयास किया, लेकिन इस दौरान उसकी मौत हो गई। इसकी सूचना मचैल पुलिस को मिलने पर मृतक के घर वालों को सूचित किया गया। मंगलवार सुबह पुलिस ने स्थानीय गुज्जरों की मदद से शव को गुलाबगढ़ पहुंचाया, जहां पर पोस्टमार्टम के बाद शव वारिसों के सुपुर्द कर दिया गया।

वहीं, शव के साथ आए कुछ श्रद्धालुओं ने कहा कि यदि मचैल में अच्छा डॉक्टर या दवाएं होतीं तो गिरधारी लाल की जान बच सकती थी। उनके मुताबिक विभाग ने पूरी यात्रा में आयुर्वेदिक डॉक्टर ही लगाए हैं। मचैल में भी जो डॉक्टर तैनात किए गए हैं, वे भी आइएसएम ही हैं। उनको भी नौकरी करते कोई ज्यादा समय नहीं हुआ है। ऐसे में उनके पास ज्यादा अनुभव नहीं है। कोई एमबीबीएस डॉक्टर वहां होतो तो शायद गिरधारी लाल की जान बच जाती। क्योंकि परिजनों ने बताया कि गिरधारी लाल को पहले कभी दिल का दौरा नहीं पड़ा।

इस बारे में किश्तवाड़ के सीएमओ डॉक्टर माजिद मलिक का कहना था कि पूरे पाडर में एक ही एमबीबीएस डॉक्टर है, जिसे बतौर एमओ पाडर प्राइमरी हेल्थ सेंटर में तैनात किया गया। बाकी पूरे इलाके में आयुर्वेदिक डॉक्टर की ही नियुक्त की गई है।

Posted By: Jagran