वैष्णो देवी धाम पर नवरात्र में टूटे रिकॉर्ड, 1.25 लाख श्रद्धालुओं ने टेका माथा; भवन पर 2 KM लंबी लाइन
शारदीय नवरात्र के अवसर पर मां वैष्णो देवी के दरबार में श्रद्धालुओं का भारी सैलाब उमड़ा है, जहां तीन दिनों में सवा लाख से अधिक भक्तों ने दर्शन किए।

माता के दरबार में उमड़ा श्रद्धा का सागर, तीन दिन में सवा लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किए दर्शन।
HighLights
तीन दिनों में सवा लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
मां वैष्णो देवी भवन की भव्य सजावट ने मन मोहा
सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, हेलीकॉप्टर सेवा हुई प्रभावित
राकेश शर्मा, कटड़ा। पवित्र शारदीय नवरात्र के अवसर पर मां वैष्णो देवी के दरबार में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ रहा है। त्रिकूट पर्वत पर स्थित मां के अलौकिक भवन की रंग-बिरंगी रोशनी से की गई भव्य सजावट श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर रही है।
चारों ओर गूंजते माता के जयकारों और भजनों से पूरा वातावरण भक्तिमय बना हुआ है। मां के चरणों में हाजिरी लगाने के लिए देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु निरंतर कटड़ा पहुंच रहे हैं।
तीन दिनों में 1.25 लाख से ज्यादा श्रद्धालु लगा चुके हैं हाजिरी
नवरात्र के पहले तीन दिनों में ही सवा लाख से अधिक श्रद्धालु मां वैष्णो देवी के चरणों में नतमस्तक हो चुके हैं। श्रद्धालुओं के उत्साह का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि मौसम की चुनौतियों और यात्रा के दौरान आने वाली परेशानियों के बावजूद भक्तों के कदम नहीं रुक रहे हैं।
परिवार और मित्रों के साथ टोलियां बनाकर, माथे पर माता की चुनरी बांधे और हाथों में ध्वजा लिए श्रद्धालु जयकारे लगाते हुए भवन की ओर बढ़ रहे हैं। आधार शिविर कटड़ा से लेकर दर्शनी ड्योढ़ी, अर्धकुंवारी और भवन तक हर तरफ श्रद्धा और उल्लास का माहौल बना हुआ है।
पहले दिन 47,500 श्रद्धालुओं ने किए मां के दर्शन
नवरात्र के पहले दिन 11 अक्टूबर को 47,500 श्रद्धालुओं ने मां के दरबार में हाजिरी लगाई, जबकि दूसरे दिन 12 अक्टूबर को 48,300 श्रद्धालु भवन पहुंचे। वहीं, तीसरे नवरात्र यानी मंगलवार को दोपहर तीन बजे तक लगभग 35 हजार श्रद्धालु यात्रा पंजीकरण करवाकर भवन की ओर रवाना हो चुके थे। श्रद्धालुओं का आगमन लगातार जारी रहने से यात्रा मार्ग और प्रमुख पड़ावों पर रौनक बनी हुई है।
सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम
श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए पुलिस, सुरक्षा बलों और प्रशासन ने यात्रा मार्ग पर निगरानी बढ़ा दी है। संवेदनशील और महत्वपूर्ण स्थानों पर पुलिस, सुरक्षा बलों तथा खुफिया एजेंसियों के जवान तैनात हैं। अधिकारी समय-समय पर व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा उपलब्ध करवाई जा सके।
मां वैष्णो देवी भवन और आधार शिविर कटड़ा में स्थापित इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के माध्यम से भी यात्रा गतिविधियों पर चौबीस घंटे नजर रखी जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां भीड़ की स्थिति और यात्रियों की आवाजाही पर लगातार निगरानी बनाए हुए हैं।
बदले मौसम ने हेलीकॉप्टर सेवा को किया प्रभावित
मंगलवार को मौसम ने एक बार फिर करवट ली। त्रिकूट पर्वत और आसपास के आसमान में बादल छाए रहे। बीच-बीच में सूर्यदेव के दर्शन हुए, लेकिन ठंडी हवाएं चलने से मौसम में ठंडक बनी रही। बादलों और मौसम में बदलाव के कारण कटड़ा से संचालित हेलीकॉप्टर सेवा बीच-बीच में प्रभावित हुई। हालांकि, बैटरी कार, रोपवे, घोड़ा, पिट्ठू और पालकी जैसी अन्य सुविधाएं श्रद्धालुओं के लिए उपलब्ध रहीं।
यात्रा के दौरान अर्धकुंवारी मंदिर परिसर में विश्राम करते श्रद्धालु भी दिखाई दिए। वहीं, भवन परिसर में आयोजित विशाल शतचंडी महायज्ञ में शामिल होकर भक्त आध्यात्मिक अनुभूति प्राप्त कर रहे हैं। मार्ग और प्रमुख स्थलों पर की गई आकर्षक सजावट भी श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।
नवरात्र के पावन अवसर पर मां के दरबार में पहुंचकर श्रद्धालु स्वयं को सौभाग्यशाली मान रहे हैं। भक्त मां के चरणों में शीश नवाकर परिवार की सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना कर रहे हैं। आस्था, भक्ति और उल्लास के इस संगम के बीच मां वैष्णो देवी की यात्रा लगातार जारी है।
