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मौसम के उतार-चढ़ाव के बीच मां वैष्णो देवी यात्रा जारी, त्रिकूट पर्वत पर मंडराए बादल; थमीं हेलीकॉप्टर की उड़ानें

Published: Mon, 05 Oct 2026 03:55 PM (IST)

मौसम में बदलाव के बावजूद मां वैष्णो देवी की यात्रा सोमवार को सुचारू रूप से जारी रही, जहां श्रद्धालु पूरे उत्साह के साथ भवन की ओर बढ़ते रहे।

श्रद्धा के साथ जारी रही मां वैष्णो देवी की यात्रा।

श्रद्धा के साथ जारी रही मां वैष्णो देवी की यात्रा।

HighLights

  1. मौसम में बदलाव के बावजूद मां वैष्णो देवी यात्रा सुचारू रही

  2. त्रिकूट पर्वत पर बादलों से हेलीकॉप्टर सेवा थोड़ी प्रभावित हुई

  3. 15 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने पंजीकरण कर यात्रा की

संवाद सहयोगी, कटड़ा। मौसम में बदलाव के बीच भी विश्व प्रसिद्ध मां वैष्णो देवी की यात्रा सोमवार को पूरी तरह सुचारू रही। कभी तेज धूप तो कभी ठंडी हवाओं के बीच श्रद्धालु पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ भवन की ओर बढ़ते रहे। हालांकि, दोपहर बाद त्रिकूट पर्वत पर बादलों का जमघट लगने से कटड़ा से चलने वाली हेलीकॉप्टर सेवा कुछ समय के लिए प्रभावित हुई।

सोमवार को कटड़ा में दिन के अधिकांश समय तेज धूप खिली रही, जबकि दोपहर बाद त्रिकूट पर्वत पर मौसम में बदलाव देखने को मिला। इसके बावजूद यात्रा पर इसका कोई खास असर नहीं पड़ा।

श्रद्धालुओं के लिए बैटरी कार, रोप-वे, घोड़ा-पिट्ठू और पालकी सहित अन्य सेवाएं उपलब्ध रहीं। श्रद्धालु कटड़ा में पंजीकरण करवाने और आरएफआईडी यात्रा कार्ड प्राप्त करने के बाद भवन की ओर रवाना होते रहे।

यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं की सुविधा और सहायता के लिए श्राइन बोर्ड प्रशासन की सहायता मित्र टीम, सीआरपीएफ और पुलिस विभाग के जवान तैनात रहे। सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी की जाती रही। श्रद्धालु भवन पहुंचकर मां वैष्णो देवी के दिव्य दर्शन कर परिवार की सुख-शांति की कामना करते नजर आए। इसके साथ ही बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भैरव घाटी पहुंचकर बाबा भैरवनाथ के चरणों में भी हाजिरी लगाई।

यात्रा के सभी प्रवेश द्वारों पर श्रद्धालुओं के आरएफआईडी यात्रा कार्ड की जांच की जा रही है। पंजीकरण और आरएफआईडी कार्ड के बिना किसी भी श्रद्धालु को यात्रा मार्ग पर आगे जाने की अनुमति नहीं है।

सोमवार शाम चार बजे तक करीब 15 हजार श्रद्धालु पंजीकरण करवाकर भवन की ओर रवाना हो चुके थे, जबकि श्रद्धालुओं के कटड़ा पहुंचने का सिलसिला लगातार जारी था।

मौसम में बीच-बीच में बदलाव के बावजूद मां वैष्णो देवी की यात्रा पर इसका कोई विशेष प्रभाव नहीं पड़ा और यात्रा व्यवस्था सामान्य रूप से जारी रही।