यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 03, 2022 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
मचेल जाने के रास्ते में कुंडेल का पुल बहने के कगार पर
स्थिति ऐसी हो गई है कि यदि मचेल यात्रा शुरू होने से पहले वहां पर दूसरा पुल तैयार नहीं किया जाएगा तो मचैल यात्रा बाधित हो सकती है।

संवाद सहयोगी, किश्तवाड़ : पिछले दिनों चशोती का पुल बह जाने के बाद वहां दूसरा पुल तो तैयार कर दिया गया, लेकिन अब कुंडेल में पुल भी बहने के कगार पर पहुंच गया है। शनिवार को वहां पानी के तेज बहाल में फंसे कई मचेल यात्रियों को मुश्किल से निकाला गया। स्थिति ऐसी हो गई है कि यदि मचेल यात्रा शुरू होने से पहले वहां पर दूसरा पुल तैयार नहीं किया जाएगा तो मचैल यात्रा बाधित हो सकती है।
बता दें कि पिछले वर्ष 29 जुलाई को पाडर के चशोती इलाके में बाढ़ आ जाने से कई पुल बह गए थे, जिनमें कुंडेल का पुल मुख्य था। तकरीबन एक महीने के बाद कुंडेल में अस्थाई तौर पर लकड़ी का पुल बनाया गया था। चशोती गांव का पुल भी खस्ताहाल में था। 10 मई को वह पुल भी पूरी तरह से बह गया था। उसके एक सप्ताह बाद दूसरा पुल बनाया गया, जिसने डेढ़ महीने के बाद ही वीरवार को उसने जल समाधि ले ली और मेल का संपर्क कट गया। कई मचेल यात्री तथा स्थानीय लोग दोनों तरफ फंस गए, लेकिन उसके साथ हुई एक लोहे का पुल बनाया जा रहा था जो कि तकरीबन पूरा हो चुका था। उसके काम में तेजी लाई गई और वह पुल शुक्रवार शाम को चलने के लिए तैयार किया गया। शनिवार को फंसे हुए लोगों को आर पार किया गया।
अभी फंसे हुए लोग पूरी तरह से आर-पार हुए भी नहीं थे कि कुंडेल के पुल के भी बहने का मंडराने लगा। भोटनाला में इतना पानी बढ़ चुका है कि कुंडेल का पुल किसी भी समय बह सकता है। शनिवार स्थानीय लोगों ने आर-पार जाने वाले लोगों को पकड़-पकड़ कर आर-पार किया ताकि कोई जानी नुकसान ना हो जाए, लेकिन पानी का बहाव बढ़ता ही जा रहा है।
अब बैली ब्रिज बनाने की योजना हालात को देखते हुए अब इस पुल के साथ में एक बैली ब्रिज बनाने की योजना बनाई जा रही है। इस पर काम जल्दी ही शुरू होने वाला है। इसी सिलसिले में सेना अधिकारी ग्रेफ अधिकारी तथा डीसी किश्तवाड़ अशोक शर्मा कुंडेल पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने जल्द ही बैली पुल बनाने की बात कही। क्योंकि मचेल यात्रा शुरू होने में मात्र 22 दिन रह गए हैं। अगर पुराना पुल बह जाता है और नया पुल तैयार नहीं होता है तो यात्रियों को आने-जाने में परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
