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रिजेक्शन को बनाया ताकत, फुटबॉल में मिली नाकामी तो थामा धनुष, अब तीरंदाजी में झंडे गाड़ रही जम्मू-कश्मीर की संध्या

Published: Tue, 03 Nov 2026 06:30 AM (IST)

फुटबॉल में चयन न होने पर संध्या ने तीरंदाजी को अपना नया लक्ष्य बनाया और श्री माता वैष्णो देवी स्पोर्ट्स ...और पढ़ें

तीरंदाज संध्या के साथ कोच अभिलाषा चौधरी।

तीरंदाज संध्या के साथ कोच अभिलाषा चौधरी।

HighLights

  1. फुटबॉल में चयन न होने पर तीरंदाजी को चुना।

  2. श्री माता वैष्णो देवी स्पोर्ट्स कांप्लेक्स में प्रशिक्षण लिया।

  3. एशिया कप स्टेज-2 ट्रायल के लिए चुनी गईं।

जागरण संवाददाता, कटड़ा। फुटबॉल में चयन नहीं होने से निराश हुई एक युवा खिलाड़ी ने हार मानने के बजाय खेल का नया रास्ता चुना और आज राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा रही हैं। यह कहानी है श्री माता वैष्णो देवी स्पोर्ट्स कांप्लेक्स कटड़ा की उभरती हुई कंपाउंड तीरंदाज रियासी के नई बस्ती की निवासी  संध्या  की, जिन्होंने अपनी मेहनत, लगन और प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन से कम समय में खेल जगत में पहचान बनाई है।

संध्या  ने वर्ष 2025 में आर्चरी कोच अभिलाषा चौधरी और कुलदीप कुमार वेदवान के मार्गदर्शन में तीरंदाजी का प्रशिक्षण शुरू किया था। इससे पहले वह फुटबॉल खेलती थीं, लेकिन चयन में सफलता नहीं मिलने के बाद उन्होंने तीरंदाजी को अपना नया लक्ष्य बनाया।

प्रशिक्षकों ने उनकी प्रतिभा को पहचानते हुए उन्हें खेल की बारीकियों का प्रशिक्षण दिया और तकनीक के साथ आत्मविश्वास बढ़ाने पर भी ध्यान दिया।

राज्य और राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में जीते पदक

संध्या ने उत्तर प्रदेश राज्य तीरंदाजी चैंपियनशिप में एक स्वर्ण और दो रजत पदक हासिल किए। वहीं, राष्ट्रीय चयन के लिए आयोजित यूपी स्टेट ट्रायल में व्यक्तिगत स्पर्धा में पहला स्थान प्राप्त किया।

राजस्थान में आयोजित जूनियर नेशनल तीरंदाजी चैंपियनशिप में उन्होंने एक स्वर्ण, एक रजत और एक कांस्य पदक जीतकर अपनी प्रतिभा साबित की। इसके अलावा जूनियर नेशनल चैंपियनशिप में सातवां स्थान हासिल करने के साथ सीनियर नेशनल चैंपियनशिप में भी हिस्सा लिया।

आंध्र प्रदेश में स्वर्ण तो केरल में रजत

राष्ट्रीय रैंकिंग प्रतियोगिताओं में भी उनका प्रदर्शन शानदार रहा। आंध्र प्रदेश में तीसरे महिला नेशनल रैंकिंग टूर्नामेंट में पहला, केरल में तीसरे नेशनल रैंकिंग टूर्नामेंट में दूसरा और लखनऊ में चौथे महिला नेशनल रैंकिंग टूर्नामेंट में दो रजत पदक हासिल किए।

इसके अलावा सोनभद्र प्राइज मनी टूर्नामेंट और फाइनल नेशनल रैंकिंग टूर्नामेंट में पहला स्थान प्राप्त किया। जम्मू-कश्मीर में आयोजित तीसरे नेशनल रैंकिंग टूर्नामेंट में दूसरा और जयपुर में पहले नेशनल रैंकिंग टूर्नामेंट में तीसरा स्थान हासिल किया। पटियाला और नार्थ जोन प्रतियोगिता में भी पांचवां स्थान प्राप्त किया।

संध्या  का चयन एशिया कप स्टेज-2 के लिए इराक में होने वाले ट्रायल के लिए भी हुआ है, जो उनके खेल करियर की महत्वपूर्ण उपलब्धि है।

ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व करना है सपना

कोच अभिलाषा चौधरी ने कहा कि संध्या  ने वर्ष 2025 में प्रशिक्षण शुरू किया था। कोच कुलदीप कुमार वेदवान के सहयोग से उन्हें लगातार तकनीकी प्रशिक्षण और मार्गदर्शन दिया गया। उनकी उपलब्धियां कड़ी मेहनत, अनुशासन और सीखने की लगन का परिणाम हैं। उन्होंने कहा कि श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की ओर से उपलब्ध करवाई जा रही सुविधाएं युवा खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा निखारने का अवसर प्रदान कर रही हैं।

संध्या  का सपना अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करने के साथ ओलंपिक में हिस्सा लेकर देश के लिए पदक जीतना है। उनकी सफलता साबित करती है कि सही मार्गदर्शन और अवसर मिलने पर स्थानीय प्रतिभाएं भी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बना सकती हैं।

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