संवाद सहयोगी, पौनी : राजीव गांधी विद्युतिकरण परियोजना के तहत गांव में बिजली पहुंचाने वाले ठेकेदार लोगों की मजदूरी दिए बगैर पिछले आठ साल से गायब हैं। लोग बिजली विभाग के चक्कर काट कर गांव में बिजली पहुंचाने के एवज में किए गए काम की मजदूरी दिलाने की मांग कर रहे हैं, लेकिन अभी तक उनकी समस्या का समाधान नहीं हो पाया है। गांव फरगल, गुलजार, मता, चड़ी, रोलकियां, अजेमेर आदि के ग्रामीणों का कहना है कि सरकार द्वारा गांव में बिजली पहुंचाने का काम दस साल पहले शुरू किया था, लेकिन दो साल तक काम होने के बाद पिछले आठ साल से बिजली पहुंचाने का काम बंद होने के बाद ठेकेदार गायब हैं। करनैल ¨सह, कस्तूरी ¨सह, सुभाष चंद्र, अशोक ¨सह, कुलदीप ¨सह, पवन कुमार, पूर्ण ¨सह आदि का कहना है गांव में राजीव गांधी विद्युतिकरण योजना के बंद होने के बाद दीन दयाल विद्युतिकरण योजना के तहत बिजली पहुंचाने का काम शुरू हो चुका है। जिन लोगों ने राजीव गांधी विद्युतिकरण परियोजना के तहत बिजली पहुंचाने के लिए काम किया था उनको मजदूरी नहीं मिली है। ग्रामीणों ने बिजली विभाग से गायब ठेकेदारों को ढूंढ कर मजदूरी दिलाने की मांग की है।

इस संबंध में बिजली विभाग के जेई आशीश शर्मा का कहना है गांव में काम करवाने वाले ठेकेदारों से संपर्क

कर लोगों की मजदूरी देने के लिए कई बार कहा गया है, लेकिन ठेकेदार लोगों की मजदूरी नहीं दे रहे हैं। अब बिजली पहुंचाने का जिम्मा भी दूसरे ठेकेदारों के पास है। पहले काम करवाने वाले ठेकदारों से संपर्क नहीं हो पा रहा है।

Posted By: Jagran

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