राज्य ब्यूरो, जम्मू : कभी नवंबर में सड़क संपर्क से लद्दाख पूरे देश से कट जाता था। देश को लद्दाख से जोड़ने वाले एकमात्र सड़क संपर्क जोजि ला (पास) पर पांच से आठ फीट तक बर्फ जमा हो जाती थी। उसके बाद करीब पांच माह तक यही स्थिति रहती। लेकिन शून्य से 20 डिग्री कम तापमान में जूझ रहे सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के हिमवीरों के संघर्ष ने जोजि ला को लगभग सदाबहार मार्ग बना दिया है। बीआरओ के अनुसार यह पहली बार है कि 31 दिसंबर के बाद भी जोजि ला वाहनों के लिए खुला है। पहले तीन लगातार वाहनों की आवाजाही बरकरार रही।

मंगलवार को जम्मू कश्मीर और लद्दाख में फिर बर्फबारी हुई है और बीआरओ के जवान जोजि ला को खुला रखने के लिए निरंतर जुटे हैं।

बीआरओ के प्रवक्ता के अनुसार हमारा प्रयास है कि निरंतर लोगों को सुविधाएं मिलें ओर इस बार अग्रिम तैयारी कर ली गई थी। बीआरओ कर्मी आधुनिक मशीनों के साथ सड़कों पर जमी बर्फ को ठहरने तक नहीं देते।

बीआरओ के इन प्रयासों का स्थानीय प्रशासन और आम लोग भी काफी सराहना कर रहे हैं, चूंकि उन्हें अतिरिक्त समय मिल जाता है और देश से राशन और अन्य सामग्री वहां आसानी से पहुंच पा रही है।

प्रवक्ता के अनुसार पुलिस के सहयोग से नए वर्ष के पहले तीन दिन जोजि ला से 178 वाहनों को गुजारा गया। बर्फ हटाने के साथ सडक की मरम्मत भी नियमित तौर पर की जा रही है, ताकि किसी भी हादसे को टाला जा सके। क्यों अहम है जोजि ला

लद्दाख में हमारे सुरक्षा बल दोहरी चुनौती का सामना कर रहे हैं। चीन-पाकिस्तान से लगती सीमा की रक्षा कर रही सेना के बढ़ते कदम न रुकें, इसके लिए कड़ाके की ठंड और दुर्गम हालात में हिमवीर जान हथेली पर लेकर दिन-रात काम कर रहे हैं। लद्दाख तक पहुंचने का एकमात्र सड़क मार्ग जोजि ला है।

पिछले वर्ष 31 दिसंबर को हुआ था बंद

सीमा सड़क संगठन के अधिकारियों के अनुसार 2020 में 31 दिसंबर को जोजि ला पूरी तरह बंद हो गया था और 28 फरवरी 2021 को रिकार्ड 58 दिन में यातायात के लिए खोल दिया था। पहले जोजि ला पास 160 से 180 दिन के लिए बंद रहने से लद्दाख छह माह के लिए सड़क मार्ग से देश के विभिन्न हिस्सों से कट जाता था।

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