क्या है 'जम्मू-कश्मीर कॉमन डक्ट पॉलिसी'? जिसको दी CM अब्दुल्ला ने मंजूरी, इसके होंगे 5 बड़े फायदे
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला सरकार ने 'जम्मू-कश्मीर कॉमन डक्ट पॉलिसी 2026' को मंजूरी दी है, जिसका उद्देश्य आधुनिक शहरी अवसंरचना विकसित ...और पढ़ें

'कॉमन डक्ट पॉलिसी 2026' से होंगे फायदे।
HighLights
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने 'कॉमन डक्ट पॉलिसी 2026' को दी मंजूरी
सड़कों की बार-बार खुदाई रुकेगी, शहर होंगे साफ-सुथरे
बिजली, पानी, इंटरनेट लाइनों के लिए साझा भूमिगत डक्ट बनेगा
डिजिटल डेस्क, श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के लोगों के लिए एक गुड न्यूज है। जी हां, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला सरकार ने केंद्र शासित प्रदेश को आधुनिक शहरी अवसंरचना से लैस करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है।
इस ऐतिहासिक कदम के बाद से 'धरती का स्वर्ग' कहलाने वाला जम्मू-कश्मीर एकदम साफ-सुथरा हो जाएगा। मंत्रिमंडल की औपचारिक मंजूरी के बाद सरकार ने 'जम्मू-कश्मीर कॉमन डक्ट पॉलिसी 2026' (Jammu & Kashmir Common Duct Policy 2026) को मंजूरी दे दी है।
आप सोच रहे होंगे कि आखिर क्या है 'जम्मू-कश्मीर कॉमन डक्ट पॉलिसी 2026'। आइए इस बारे में जानते हैं विस्तार से जानते हैं और इसके उन फायदों के बारे में जानते हैं जो इस पॉलिसी से होने वाले हैं।
क्या है 'कॉमन डक्ट पॉलिसी 2026' और क्यों पड़ी इसकी जरूरत?
इस नीति के तहत नई बनने वाली सभी सड़कों में डक्ट इंटीग्रेशन को अनिवार्य कर दिया गया है। यानी सड़क के नीचे एक विशेष कंक्रीट डक्ट बनेगी, जिसमें बिजली, पानी, टेलीकॉम, इंटरनेट फाइबर और गैस की लाइनें एक साथ बिछाई जाएंगी।
मौजूदा सड़कों और नेटवर्क के लिए चरणबद्ध तरीके से 'रेट्रोफिटिंग' की जाएगी। इसके अलावा, सभी प्रकार की केबल व पाइपलाइन बिछाने के लिए 'राइट ऑफ वे' की मंजूरी सिंगल-विंडो सिस्टम के जरिए दी जाएगी।
इस नीति के लागू होने से अब बिजली, पानी, टेलीकॉम, प्राकृतिक गैस और डिजिटल नेटवर्क की केबलों व पाइपलाइनों के लिए एक साझा यूटिलिटी कॉरिडोर बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री कार्यालय के अनुसार, यह कदम बार-बार सड़क खोदने की समस्या को स्थायी रूप से खत्म करेगा और शहरों को साफ-सुथरा व सुव्यवस्थित बनाएगा।
*A major step towards modern urban infrastructure, efficient utility management and cleaner cityscapes in Jammu & Kashmir.* Following approval by the Council of Ministers, the Government has notified the Jammu and Kashmir Common Duct Policy 2026, establishing a framework for shared utility corridors for power, water, telecom, gas and digital networks. The policy mandates duct integration in new roads and provides for phased retrofitting, single-window Right of Way clearances, cost-sharing arrangements and digital asset mapping through the Call Before You Dig platform. These measures will help prevent repeated road digging, protect public infrastructure, reduce utility operation and maintenance costs, curb visual clutter and support planned urban growth and digital connectivity across J&K.
— Office of Chief Minister, J&K (@CM_JnK) October 5, 2026
'कॉल बिफोर यू डिग' प्लेटफॉर्म और डिजिटल एसेट मैपिंग के बारे में भी जानें
भूमिगत पाइपलाइनों और केबलों के नुकसान को रोकने के लिए 'कॉल बिफोर यू डिग' प्लेटफॉर्म के माध्यम से डिजिटल एसेट मैपिंग की जाएगी, जिससे किसी भी नई खुदाई से पहले नीचे मौजूद लाइनों की सही स्थिति का पता रहेगा।
इसमें विभिन्न विभागों और निजी टेलीकॉम-गैस कंपनियों के बीच इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण की लागत साझा करने की व्यवस्था बनाई गई है।
आम जनता और सरकार को इस पॉलिसी से क्या होंगे बड़े फायदे?
बार-बार सड़क खुदाई पर रोक: किसी एक कंपनी या विभाग द्वारा सड़क बनाने के बाद बार-बार खुदाई करने का सिलसिला खत्म होगा, जिससे सरकारी खजाने के पैसे बचेंगे।
शहरों की सुंदरता और ट्रैफिक में राहत
सबसे पहले तो हवा में लटकते तारों के जाल और खोदी गई सड़कों के कारण लगने वाले लंबे ट्रैफिक जाम से मुक्ति मिलेगी। साफ-सुथरा शहर होगा।
रखरखाव की लागत में कमी
इस पॉलिसी से बिजली, पानी और इंटरनेट सेवाओं के संचालन व मरम्मत की लागत काफी कम हो जाएगी।
नियोजित विकास व डिजिटल कनेक्टिविटी
पूरे जम्मू-कश्मीर में नियोजित शहरी विकास को गति मिलेगी और हाई-स्पीड डिजिटल नेटवर्क गांव-गांव तक तेजी से पहुंचेगा।
बढ़ेगा पर्यटन
इस पॉलिसी के बाद शहर एकदम साफ-सुथरा और ट्रैफिक रहित हो जाएगा। ऐसे में बाहरी लोगों के अंदर एक अलग ही चाह होगी जम्मू-कश्मीर में आने की।
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