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उड़ी बिजहामा के मायन इलाके में बादल फटा, पल भर में बह गए घर, खुले आसमान तले परिवार

By Digital Desk Edited By: Rahul Sharma
Published: Thu, 23 Jul 2026 06:01 PM (IST)

उत्तरी कश्मीर के उड़ी बिजहामा के मायन क्षेत्र में बादल फटने से भारी तबाही हुई है। इससे फ्लैश फ्लड और ...और पढ़ें

उड़ी के मायन में बादल फटने से भीषण तबाही।

उड़ी के मायन में बादल फटने से भीषण तबाही।

डिजिटल डेस्क, बारामूला। उत्तरी कश्मीर के उड़ी बिजहामा के मायन क्षेत्र से एक बेहद चिंताजनक और दिल दहला देने वाली खबर सामने आ रही है। यहां अचानक हुए विनाशकारी बादल फटने की घटना ने पूरे इलाके में तबाही मचा दी है। प्रकृति के इस रौद्र रूप ने स्थानीय लोगों की जिंदगी को अस्त-व्यस्त कर दिया है।

मिली जानकारी के अनुसार, आज शाम मायन इलाके में अचानक बादल फट गया। देखते ही देखते तेज बहाव के साथ पानी गांव की ओर बढ़ने लगा। इस घटना के बाद इलाके में फ्लैश फ्लड और भूस्खलन की स्थिति पैदा हो गई।

पहाड़ों से भारी मात्रा में मलबा, पत्थर और कीचड़ बहकर रिहायशी इलाकों और सड़कों पर आ गया है। कई जगहों पर पानी घरों में घुस गया है, जिससे लोगों को भारी नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। सड़कें पूरी तरह से बंद हो गई हैं और जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है।

अपनी पार्टी के अध्यक्ष अल्ताफ बुखारी ने एक्स पर इस घटना की जानकारी साझा करते हुए जिला प्रशासन से अनुरोध किया कि बिना किसी देरी जरूरी कदम उठाए। उन्होंने प्रभावित परिवारों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए कहा कि वह इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना के पीड़ितों के साथ हैं। मैं सभी की सुरक्षा और भलाई के लिए प्रार्थना करता हूं।

जान-माल के नुकसान पर स्थिति स्पष्ट नहीं

राहत की बात यह है कि अभी तक किसी भी तरह के जान-माल या मवेशियों के नुकसान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। लेकिन शुरुआती रिपोर्ट्स बेहद परेशान करने वाली हैं।

सूत्रों के मुताबिक, इस प्राकृतिक आपदा में कई घरों, दुकानों और निजी संपत्तियों को नुकसान पहुंचा है। इसके अलावा सार्वजनिक बुनियादी ढांचे - जैसे सड़कें, पुलिया और पानी की पाइपलाइनों को भी भारी क्षति पहुंची है। कई परिवारों का सारा सामान पानी में बह गया है।

तहसीलदार और SHO मौके पर मौजूद

घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन हरकत में आ गया है। तहसीलदार और संबंधित थाने के SHO अपनी टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुंच गए हैं और स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम शुरू कर दिया गया है।

स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि वह तुरंत अतिरिक्त बचाव और राहत दलों को मौके पर भेजे। बचाव कार्यों में और तेजी लाने की जरूरत है ताकि फंसे हुए लोगों को जल्द से जल्द निकाला जा सके और प्रभावित परिवारों को समय पर मदद मिल सके।

पीड़ितों को तुरंत पहुंचाएं सहायता

इस मुश्किल घड़ी में प्रभावित परिवारों को तत्काल मानवीय सहायता की सख्त जरूरत है। जानकारी के अनुसार, जिन लोगों के घर इस बाढ़ में क्षतिग्रस्त हुए हैं, वे खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हैं।

उन्हें तत्काल राहत सामग्री जैसे टेंट, कंबल, बर्तन, पीने का साफ पानी, खाने-पीने की चीजें और रोजमर्रा की दूसरी जरूरी वस्तुओं की अत्यंत आवश्यकता है। प्रशासन से अपील की जा रही है कि बिना किसी देरी के इन परिवारों तक राहत सामग्री पहुंचाई जाए।

आवासीय इलाके पर मंडराया बड़ा खतरा

सबसे बड़ी चिंता की बात यह है कि बादल फटने से आए मलबे के कारण मुख्य नाला पूरी तरह से बंद हो गया है। नाले के बंद होने से पानी पुलिया के पास जमा हो रहा है और जलभराव की स्थिति बन गई है।

यदि इस ब्लॉकेज को तुरंत नहीं हटाया गया, तो जमा हुआ पानी आसपास के रिहायशी इलाके में फैल सकता है और तबाही और भी बढ़ सकती है। इसलिए मौके पर तुरंत अर्थ-मूवर और पत्थर हटाने वाली बड़ी मशीनें (JCB) तैनात करने की मांग की जा रही है ताकि नाले को जल्द से जल्द साफ किया जा सके।

फिलहाल पूरा प्रशासन और स्थानीय लोग मिलकर इस आपदा का सामना कर रहे हैं। हम सभी की संवेदनाएं इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना से प्रभावित परिवारों के साथ हैं। हम सभी की सुरक्षा और सलामती के लिए प्रार्थना करते हैं।