जम्मू-कश्मीर विधानसभा में हंगामा, ईरान युद्ध को लेकर भिड़े NC-BJP विधायक
जम्मू-कश्मीर विधानसभा का बजट सत्र हंगामेदार रहा। नेशनल कॉन्फ्रेंस और भाजपा विधायकों के बीच तीखी नोकझोंक हुई। NC विधायकों ने ...और पढ़ें
HighLights
जम्मू-कश्मीर विधानसभा बजट सत्र का दूसरा चरण शुरू हुआ
NC ने ईरान संघर्ष और खामेनेई की मौत पर विरोध जताया
भाजपा ने NC के विरोध प्रदर्शन का कड़ा विरोध किया
जागरण संवाददाता, श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर विधानसभा के बजट सत्र का दूसरा चरण आज से शुरू हो गया। चार अप्रैल तक चलने वाले इस सत्र की शुरुआत काफी हंगामेदार हुई है। जिसकी वजह से सदन की कार्यवाही आधे घंटे के लिए स्थगित कर दिया गया। बता दें कि सदन की कार्यवाही शुरू होते ही सत्ताधारी नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) और विपक्षी दल भाजपा के बीच तीखी नोकझोंक हुई, जिसके चलते सदन का माहौल तनावपूर्ण हो गया।
NC के विधायकों ने विधानसभा के अंदर ईरानी सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत और यूएस-इजरायल बनाम ईरान संघर्ष के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करते हुए जमकर नारेबाजी की।
नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायक तनवीर सादिक ने सदन में अयातुल्ला खामेनेई का पोस्टर लगराया, जिसका बीजेपी विधायकों ने कड़ा विरोध किया। इतना ही नहीं, विधानसभा में NC के विधायकों ने 'इजरायल मुर्दाबाद' और 'अमेरिकी दहशतगर्दी बंद करो' जैसे नारे भी लगाए।
सदन में मचा हंगामा
सत्ता पक्ष और विपक्ष, दोनों तरफ के सदस्य अपनी सीटों से खड़े हो गए और स्पीकर अब्दुल रहीम राथर की बार-बार अपील के बावजूद नारेबाजी करते हुए प्रश्नकाल में बाधा डाली। जहां सत्ताधारी नेशनल कॉन्फ्रेंस, कांग्रेस, CPI(M) और निर्दलीय विधायकों ने विपक्ष की PDP के साथ मिलकर ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या की निंदा करते हुए इजरायल के खिलाफ नारे लगाए, वहीं BJP सदस्यों ने जम्मू में एक नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी स्थापित करने की मांग पर जोर देने के लिए हाथों में तख्तियां थाम रखी थीं।
विधानसभा का बजट सत्र 27 मार्च को जम्मू में पांच हफ्ते के अवकाश के बाद फिर से शुरू हुआ। इससे पहले सत्र का पहला चरण 2 फरवरी से 20 फरवरी तक चला था। पहले चरण के सत्र में, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने 6 फरवरी को बजट पेश किया था, जबकि सदन ने प्रतिदिन दो पालियों में विस्तृत चर्चा करने के बाद विभिन्न विभागों के लिए अनुदान पारित किए थे।
वर्तमान सत्र 4 अप्रैल को समाप्त होगा। सदन के अधिसूचित कार्य-तालिका के अनुसार, 30 मार्च और 1 अप्रैल का दिन निजी सदस्यों के विधेयकों के लिए निर्धारित किया गया है, जबकि 31 मार्च और 2 अप्रैल का दिन निजी सदस्यों के प्रस्तावों के लिए आरक्षित है।
सामाचार एजेंसी पीटीआई की इनपुट के साथ।
