राज्य ब्यूरो, श्रीनगर : कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ अभियान जारी हैं। वीरवार को सुरक्षाबलों ने दक्षिण कश्मीर के त्राल (पुलवामा) में हुई मुठभेड़ में अलबदर के एक आतंकी को मार गिराया। इस बीच, बड़गाम में सुबह आतंकियों द्वारा घात लगाकर किए गए हमले में सीआरपीएफ का एक असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर (एएसआइ) बलिदान हो गया। आतंकी उसकी राइफल भी अपने साथ ले गए। पीपुल्स एंटी फासिस्ट फ्रंट ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। दोनों जगह आतंकियों की धरपकड़ के लिए सुरक्षाबलों ने अभियान चला रखा है। बीते चौबीस घंटों में बड़गाम में यह दूसरी आतंकी वारदात है। इससे पूर्व बीती शाम आतंकियों ने खाग ब्लॉक विकास परिषद (बीडीसी) के चेयरमैन सरदार भूपेंद्र सिंह की दलवाछ स्थित उनके मकान में हत्या कर दी थी। जानकारी के अनुसार, पुलिस को तड़के पता चला था कि अलबदर के कुछ आतंकी पुलवामा जिले में त्राल के ऊपरी हिस्से में स्थित मचहोमा गांव में बैठक के लिए जमा होने वाले हैं। पुलिस के विशेष अभियान दल (एसओजी) के जवानों ने सेना की 42 आरआर के साथ आतंकियों के खिलाफ अभियान चलाया। आतंकी गांव के बाहरी छोर पर स्थित एक मकान में जमा हो रहे थे। सुरक्षाबलों को देखते ही आतंकी गोलियां दागते हुए वहां से भाग निकले, लेकिन एक आतंकी मकान में फंस गया।

जवानों ने उसे आत्मसमर्पण के लिए कहा। पुलिस के अधिकारियों ने स्थानीय नागरिकों की भी मदद ली, लेकिन आतंकी नहीं माना। इस बीच, सुरक्षाबलों ने आतंकी ठिकाना बने मकान मालिक के परिवार को आतंकी की फायरिग के बीच सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद सुरक्षाबलों ने अंतिम प्रहार कर आतंकी को मार गिराया। मारे गए आतंकी की पहचान अलबदर के इरफान अहमद डार के रूप में हुई है। वह निकटवर्ती गाडीखल गांव का रहने वाला है। इसी साल 29 अगस्त को आतंकी संगठन में दोबारा सक्रिय हुए इरफान का आतंकवाद से पुराना नाता रहा है। उसने ही अप्रैल 2019 में राष्ट्रीय राजमार्ग पर चुरसु, अवंतीपोरा के निकट सुरक्षाबलों की एक नाका पार्टी पर ग्रेनेड से हमला किया था। इसी हमले के सिलसिले में वह चार अगस्त 2019 को पकड़ा गया था। वह नौ अप्रैल 2020 को रिहा हुआ था और कुछ बाद दोबारा आतंकी संगठन में सक्रिय हो गया। सुरक्षाबलों ने मुठभेड़स्थल से एक पिस्तौल व अन्य साजो सामान भी बरामद किया है। बड़गाम हमला : सीआरपीएफ की 117 वाहिनी के जवानों का एक गश्ती दल सुबह चाडूरा (बड़गाम) के वडिपोरा कैसरमुला इलाके से गुजर रहा था। सड़क के किनारे बाग के बाहरी छोर पर कथित तौर पर एक मोटरसाइकिल पर आए दो आतंकियों ने ताबड़तोड़ फायरिग कर दी। इसमें एएसआइ एनयू बडोले गंभीर रूप से घायल हो गए। जवानों ने भी जवाबी फायर किया। करीब 10 मिनट तक दोनों तरफ से फायरिग होती रही। इसके बाद आतंकी घायल सीआरपीएफ कर्मी की एसाल्ट राइफल भी अपने साथ ले गए।

सीआरपीएफ के प्रवक्ता पंकज सिंह ने बताया कि घायल एएसआइ को उपचार के लिए सेना के 92 बेस अस्पताल में दाखिल कराया गया था, जहां उन्होंने शहादत पाई। उन्होंने बताया कि शहीद सीआरपीएफ अधिकारी महाराष्ट्र में नागपुर के रहने वाले थे। अलबत्ता, उन्होंने राइफल लूटे जाने पर किसी भी तरह की प्रतिक्रिया से इन्कार कर दिया।

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