संवाद सहयोगी, श्रीनगर : दक्षिणी कश्मीर के शोपियां जिले में शुक्रवार को हड़ताल रही, जिससे जनजीवन अस्तव्यस्त होकर रह गया। जिले में तमाम व्यापारिक प्रतिष्ठान, शैक्षणिक संस्थान और निजी कार्यालय बंद रहे। सड़कों पर यातायात भी ठप रहा। हड़ताल का आह्वान वर्ष 2013 में सुरक्षाबलों की फायरिंग में मारे गए चार नागरिकों की पांचवीं बरसी के उपलक्ष्य में थी। बता देते हैं कि आज ही के दिन वर्ष 2013 में जिले के गागरेन इलाके में सुरक्षाबलों की गोली से चार नागरिकों जिनमें एक गैर रियासती नागरिक था, की मौत हो गई थी।

--------------

मानवाधिकारों के हनन

के विरोध में रैली

संवाद सहयोगी, श्रीनगर : वादी में मानवाधिकारों के हनन के विरोध में अलगाववादी संगठन जम्मू कश्मीर लिब्रेशन फ्रंट ने रैली निकाल विश्व मानवाधिकार संगठनों से इस मामले में हस्तक्षेप करने का आह्वान किया।

धरना प्रदर्शनों का आह्वान अलगाववादी संगठनों के साझा मंच ज्वाइंट रजिस्टेंस लीडरशिप (जेआरएल) ने किया था। जेकेएलएफ के दर्जनों कार्यकर्ता व समर्थक शुक्रवार को जुमा की नमाज के बाद मैसुमा चौक में लामबंद होकर वहां से नारेबाजी करते हुए बड़शाह चौक तक रैली निकाली। फ्रंट के वरिष्ठ नेता बशीर अहमद भट के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने हाथों में बैनर उठा रखे थे, जिन पर वी वांट फ्रीडम और स्टॉप इनोसेंट किलिंग इन कश्मीर जैसे नारे लिखे थे। प्रदर्शनकारियों ने विश्व मानवाधिकार संगठनों से आग्रह किया कि वह केंद्र पर दबाव डालकर मानवाधिकार हनन पर रोक लगाए।

Posted By: Jagran