राज्य ब्यूरो, श्रीनगर : लालचौक से सटे प्रताप पार्क में बुधवार को मांगों के समर्थन में धरने पर बैठने के सर्व शिक्षा अभियान (एसएसए) शिक्षकों का मंसूबा पुलिस ने नाकाम बना दिया। पुलिस ने 25 से अधिक शिक्षकों को एहतियातन तौर पर हिरासत में ले लिया।

गौरतलब है कि राज्य में एसएसए के तहत करीब 17 हजार अध्यापक कार्यरत हैं। शिक्षक अपने वेतन को केंद्रीय मानव संसाधान विकास मंत्रालय की निधि से अलग कर राज्य के बजट में प्रावधान करने, एसएसए शिक्षकों को पांच साल के बाद नियमित करने और सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों का लाभ देने की मांग कर रहे हैं। मांगों के समर्थन में वादी में एसएसए शिक्षकों ने गत दो दिन से संबंधित शिक्षण संस्थानों में तालाबंदी रखी थी।

बुधवार को एक बार फिर घाटी के विभिन्न हिस्सों से एसएसए शिक्षक जम्मू कश्मीर रहबर-ए-तालीम टीचर्स फोरम के बैनर तले मांगों के समर्थन में प्रताप पार्क में धरना देने के लिए आने लगे। मगर पुलिस ने एसएसए शिक्षकों को बटमालू, राममुंशीबाग, रीगल चौक व अन्य जगहों पर ही रोक लिया। नारेबाजी करते शिक्षकों ने जब जबरन लालचौक प्रताप पार्क की तरफ बढ़ने का प्रयास किया तो पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया और कई अध्यापकों को हिरासत में ले लिया, जबकि अन्य को वहां से खदेड़ दिया। एक सूचना के मुताबिक, दो दर्जन से ज्यादा अध्यापकों को कोठीबाग, मैसूमा और बटमालू पुलिस स्टेशन की हवालात में बंद रखा गया है। यहां यह बताना असंगत नहीं होगा कि करीब ढाई माह पहले ईद-उल-फितर के मौके पर भी एसएसए शिक्षकों ने प्रताप पार्क में ही नमाज अदा करते हुए मांगों के समर्थन में राज्य सरकार के खिलाफ धरना दिया था।

Posted By: Jagran