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LeT मॉड्यूल का भंडाफोड़, कश्मीर से कन्याकुमारी तक हमले की थी तैयारी; अबु हुरैरा समेत 5 आतंकी गिरफ्तार

By Digital Desk Edited By: Rahul Sharma
Published: Tue, 07 Apr 2026 12:39 PM (IST)Updated: Tue, 07 Apr 2026 01:33 PM (IST)

जम्मू-कश्मीर पुलिस ने लश्कर-ए-तैयबा के पांच आतंकियों को गिरफ्तार कर कश्मीर से कन्याकुमारी तक हमले की बड़ी साजिश नाकाम की ...और पढ़ें

लोकल नेटवर्क के साथ संभावित लिंक का पता लगाने के लिए जांच चल रही है।

लोकल नेटवर्क के साथ संभावित लिंक का पता लगाने के लिए जांच चल रही है।

HighLights

  1. लश्कर-ए-तैयबा के पांच आतंकी गिरफ्तार, साजिश नाकाम।

  2. पाकिस्तानी आतंकी अबु हुरैरा 16 साल से था सक्रिय।

  3. देशभर में 19 जगहों पर छापेमारी, हथियार बरामद।

नवीन नवाज, श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर पुलिस ने कश्मीर से कन्याकुमारी तक देश को दहलाने के रचे जा रहे आतंकी षड्यंत्र को विफल बनाते हुए लश्कर-ए-तैयबा के पांच आतंकियों को गिरफ्तार किया है। इनमें दो पाकिस्तानी हैं, जिनमें दुर्दांत आतंकी अबु हुरैरा उर्फ अब्दुल्ला के साथ उस्मान उर्फ खुबैब भी है।

हुरैरा लगभग 16 वर्ष से सुरक्षा एजेंसियों को धता बताते हुए न सिर्फ कश्मीर में बल्कि देश के अन्य भागों में भी अपनी गतिविधियां चला रहा था। इस पूरे माड्यूल का पता लगाने के लिए जम्मू-कश्मीर पुलिस को पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली समेत देश के विभिन्न हिस्सों में 19 जगहों पर छापेमारी करनी पड़ी है।

पकड़े गए आतंकियों के पास से भारी मात्रा में हथियार व अन्य साजो सामान भी मिला है। हालांकि पुलिस ने पुष्टि नहीं की है,लेकिन श्रीनगर के बटवारा इलाके के रहने वाली एक युवती शाजिया और एक अन्य व्यक्ति अब्दुल खालिक के पाकिस्तानी आतंकियों के साथ संबंधों की गहन जांच की जा रही है।  

12-12 लाख के ईनामी हैं हुरैरा-उस्मान

हुरैरा और उस्मान दोनों ही 12-12 लाख के इनामी आतंकी हैं।  इन तीन स्थानीय साथियों में मोहम्मद नकीब बट, आदिल रशीद बट और गुलाम मोहम्मद मीर उफ मामा शामिल हैं। गिरफ्तार पाकिस्तानी आतंकियों ने श्रीनगर समेत घाटी के विभिन्न इलाकों में अलग अलग समय पर 40 से ज्यादा विदेशी जिनमे अधिकांश पाकिस्तानी आतंकी ही थे, कि गतिविधियों की कमान संभाली। इनमें से अधिकांश सुरक्षाबलों के हाथों मारे जा चुके हैं। यह दोनों आतंकी एक तरह से कश्मीर मेंलश्कर ए तैयबा की कमान संभाल रहे थे। जांच में पता चलता है कि एक विदेशी आतंकी जाली दस्तावेज़ों और पासपोर्ट के आधार पर देश से बाहर जाने में कामयाब रहा है।

संबधित सूत्रों ने बताया कि हुरैरा और उस्मान, दोनों कश्मीर समेत देश के विभिन्न भागों में सिलसिलेवार आतंकी हमलों को अंजाम देने का षडयंत्र रचने के अलावा पाकस्तानी खुफिया एजेंसी आएसआइ के लिए देश के कुछ खास हिस्सों में जासूसी का नेटवर्क तैयार कर रहे थे। हुरैरा को सुरक्षा एजेंसियों ने पहले मरा हुआ मान लिया था, क्योंकि विगत कुछ वर्षाें में उसका कोई फुटप्रिंट नजर नहीं आ रहा था, लेकिन उसका करीबी उस्मान उर्फ खुबैब उर्फ खरगोश घाटी में अपनी गतिविधियां लगातार बढ़ा रहा था।

ठिकानो पर लगातार दी जा रही थी दबीश

उसके ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही थी, लेकिन नहीं मिल रहा था। पुलिस ने इंटरनेट मीडिया और विभिन्न संदिग्ध तत्वों की गतिविधियों की निगरानी शुरु की। खुफिया एजेंसियों से भी मदद ली पता चला कि जिस हुरैरा के बारे में यह सोचा जा रहा है कि वह मारा गया है या फिर पाकिस्तान लौट गया है, वह पंजाब में कहीं है। उस्मान उर्फ खुबैब भी उसके साथ ही है।

इसके बाद जम्मू कश्मीर पुलिस के विशेष अभियान दल एसओजी ने पंजाब ,हरियाणा और राजस्थान व दिल्ली में कुछ खास जगहों पर छापेमारी शुरु की और एक दर्जन से ज्यादा संदिग्ध तत्वों को पकड़ा। मलेरकोटला पंजाब में 28 मार्च को दबिश दी गई और उसके बाद नूंह हरियाणा ,राजस्थान और दिल्ली में चिहृनित स्थानों पर तलाशी ली गई।

हुरैरा-उस्मान ने पूछताछ में खोले राज

हालांकि पुलिस ने पुष्टि नहीं की है, लेकिन दावा किया जाता है कि मलेरकोटला से ही अबु हुरैरा और उस्मान को पकड़ा गया है। दोनों ने पूछताछ के दौरान अपने नेटवर्क में शामिल विभिन्न लोगों के बारे में सूचित किया। इसके साथ ही उन्होंने श्रीनगर में लश्कर के तीन स्थानीय आतंकियों के छिपेहाने की पुष्टि की। इन तीनों आतंकियों को भी पकड़ लिया गया। इनसे मिले सुरागों के आधार पर पुलिस ने हारवन के पास दाचीगाम में एक आतंकी ठिकाने से हथियारों का जखीरा भी बरामद किया है।

बताया जा रहा है कि हुरैरा और उस्मान से मिले सुरागों के आधार पर पुलिस ने पहले  श्रीनगर बटापोरा इलाके से एक इलैक्ट्रिशियन नकीब अहमद बट नाम को पकड़ा। उसके पास से  एसाल्ट राइफल के 15 कारतसू,एक ग्रेनेड और एक मोबइल फोन बरामद किया गया। उसके बाद उसकी निशानदेही पर फजलुल हक कालोनी, बटापोरा, हज़रतबल स्थित उसके घर से एक एसाल्ट राइफल, दो एके मैगजीन और 46 कारतूस बरामद किए गए।

30 से अधिक संदिग्धों से हो रही पूछताछ

पुलिस आदिल राशिद बट तक पहुंची, जिसके पास से तीन एसाल्ट राइफलें, एक कराकोव राइफल, तीन एके मैगजीन, तीन पिस्तौल और पांच हथगोले मिले। इसके बाद पुलिस ने गुलाम मोहम्मद मीर उर्फ मामा को पकड़ा जो आतंकियों के लिए आंख नाक कान बना हुआ और उनकीआतंकीगतिविधियों में मदद करने के अलावा उन्हें सुरक्षित ठिकाने के साथ जन सहित अन्य साजो-सामान उपलब्ध करा रहा था। अभी तक इस मामले में तीस से अधिक संदिग्धों से पूछताछ जारी है।