श्रीनगर में पूर्व पटवारी को रिश्वत मामले में सजा, एक साल का कारावास और 10,000 रुपये जुर्माना
श्रीनगर की विशेष भ्रष्टाचार-विरोधी अदालत ने एक पूर्व पटवारी गुलाम कादिर भट को 2007 के रिश्वत मामले में दोषी ठहराया ...और पढ़ें

अदालत का यह फैसला भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई को दर्शाता है।
HighLights
पूर्व पटवारी को रिश्वत मामले में दोषी ठहराया गया।
एक साल का कारावास और 10,000 रुपये जुर्माना।
जमीन म्यूटेशन के लिए 3,000 रुपये रिश्वत ली थी।
जागरण संवाददाता, श्रीनगर। श्रीनगर की एक विशेष भ्रष्टाचार-विरोधी अदालत ने पूर्व पटवारी को 2007 के रिश्वत मामले में दोषी ठहराते हुए एक साल के कारावास और 10,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई। उन पर जमीन के म्यूटेशन की प्रक्रिया के लिए 3,000 रुपये की रिश्वत लेने का आरोप था।
प्रवक्ता ने बताया कि श्रीनगर की भ्रष्टाचार-विरोधी अदालत के विशेष न्यायाधीश तसलीम आरिफ ने थाना वीओके (अब एसीबी) की एफआईआर संख्या 20/2007 में फैसला सुनाया।
उक्त मामले में आरोपी गुलाम कादिर भट (तत्कालीन पटवारी हलका खुशीपोरा ज़ैनकोट) पुत्र मोहम्मद इस्माइल भट निवासी नरपरिस्तान फतेह कदल, श्रीनगर को एक साल के कारावास और 10,000 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई गई है।
आरोप था कि उक्त लोक सेवक ने शिकायतकर्ता के पक्ष में म्यूटेशन लागू करने के लिए 3,000 रुपये की रिश्वत मांगी और स्वीकार की थी। प्रवक्ता ने बताया कि पुलिस स्टेशन वीओके (अब एसीबी), श्रीनगर द्वारा की गई जांच के दौरान, आरोपी लोक सेवक गुलाम कादिर भट के खिलाफ आरोप मौखिक और दस्तावेजी साक्ष्यों के आधार पर सिद्ध हुए।
