विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

घाटी में लाल-हरे सेब के बाग चुरा रहे र्पयटकों का दिल, सोनमर्ग मार्ग पर एप्पल के बगीचे बने नया टूरिस्ट स्पॉट

Published: Sat, 10 Oct 2026 03:53 PM (GMT+05:30)

मध्य कश्मीर के गांदरबल में सोनमर्ग के रास्ते में स्थित सेब के बाग पर्यटकों के लिए नया आकर्षण बन गए ...और पढ़ें

पंजाब के पर्यटकों को भाया हाकनार का बाग।

पंजाब के पर्यटकों को भाया हाकनार का बाग।

HighLights

  1. सोनमर्ग के रास्ते में सेब के बाग पर्यटकों को लुभा रहे हैं

  2. पर्यटक ताज़े सेब चखते और स्थानीय उत्पाद खरीदते हैं

  3. यह अनुभव किसानों की आय बढ़ा रहा, पर्यटन को बढ़ावा दे रहा

जागरण संवाददाता,श्रीनगर। मध्य कश्मीर के गांदरबल जिले में सिथत विश्व प्रसिद्ध पर्यटनस्थल सोनमर्ग ही अब केवल पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र नही है बल्कि इस पर्यटनस्थल तक पहुंचने के रास्तों पर लगे सेब के बाग भी पर्यटकों का दिल चुरा रहे हैं।

जिले के हाकनार इलाके में सेब के बागात इन दिनों पर्यटकों से गुलजार बने हुए हैं। सेब तोड़ने के मौसम में पर्यटक यहां रुककर ताज़े तोड़े गए सेबों का स्वाद लेते हैं, सेब तोड़ने की प्रक्रिया देखते हैं और सीधे बाग मालिकों से सेब से बनी स्थानीय चीजें खरीदते हैं साथ ही इन्हें घाटी में सेब तोड़ने के अनुभव को करीब से जानने का मौका देते हैं।

पर्यटक यहां के प्राकृतिक नजारों का आनंद लेते हैं और स्थानीय किसानों से बातचीत भी करते हैं। ताजे सेबों के अलावा, पर्यटक सेब का जूस, एप्पल साइडर विनेगर और सेब से बनी दूसरी चीजों में भी दिलचस्पी दिखा रहे हैं।

इससे बाग मालिकों को अपनी उपज कोपर्यटन बढ़ावा देने और अतिरिक्त कमाई करने का मौका मिल रहा है।

इस साल बेहतर होगी सेब की फसल

हाकनार के किसानों ने बताया कि अब तक सेब का उत्पादन संतोषजनक रहा है और उन्हें उम्मीद है कि इस साल की फसल पिछले साल से बेहतर होगी। उन्होंने सेब तोड़ने के समय को बाग मालिकों के लिए बहुत अहम बताया और कहा कि अच्छा मौसम किसानों में नई उम्मीद जगाएगा।

कई पर्यटकों के लिए बाग का यह अनुभव उनकी कश्मीर यात्रा का एक यादगार हिस्सा बन गया है। पर्यटकों का कहना है कि ताज़े तोड़े गए सेबों का स्वाद और खुशबू, साथ ही स्थानीय लोगों की मेहमाननवाज़ी ने उनकी यात्रा को खास बना दिया।

पर्यटकों के लिए सेब के बाग का अनुभव रहा यादगार

कई पर्यटकों के लिए, बाग का अनुभव उनकी कश्मीर यात्रा का एक यादगार हिस्सा बन गया है। पर्यटकों ने कहा कि ताज़े तोड़े गए सेबों का स्वाद और खुशबू, साथ ही स्थानीय लोगों की मेहमाननवाज़ी ने इस यात्रा को खास बना दिया। पंजाब के पठानकोट से सोनमर्ग जा रहे पर्यटक मनोहर सिंह, ने बताया कि सेब की तुड़ाई होते देख वे वहां रुक गए।

उन्होंने हरे और लाल सेबों के स्वाद की तारीफ़ की और कहा कि ताज़े बने सेब के जूस ने उनके अनुभव को और बेहतर बना दिया। उन्होंने एप्पल साइडर विनेगर और गुलकंद भी खरीदा और इन उत्पादों व उनकी कीमतों को संतोषजनक बताया।

टुरिस्टों ने शेयर किया अनुभव

पंजाब के जलंधर के पर्यटक संजय राठोर ने कहा कि बाग में ताज़े तोड़े गए सेबों का स्वाद चखने के बाद कश्मीर की उनकी पहली यात्रा यादगार बन गई। उन्होंने कहा कि कश्मीर में उगाए गए सेबों का स्वाद और खुशबू, हिमाचल प्रदेश सहित अन्य जगहों पर चखे गए सेबों से बिल्कुल अलग थी।

राठोर ने और पर्यटकों को फसल के मौसम में स्थानीय बागों में जाने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि ऐसी यात्राओं से कश्मीर की प्राकृतिक सुंदरता का आनंद लेने के साथ-साथ स्थानीय उत्पादकों और व्यवसायों को भी समर्थन मिलता है।

उन्होंने कहा कि बागों की यात्रा को बढ़ावा देने और पर्यटकों को स्थानीय रूप से बने उत्पाद खरीदने के लिए प्रोत्साहित करने से लोगों की आजीविका मजबूत हो सकती है और किसानों व अन्य स्थानीय उद्यमियों को प्रेरणा मिल सकती है।

बागों की यात्रा में बढ़ती दिलचस्पी गांदरबल में पर्यटन के अनुभव में एक मौसमी आकर्षण जोड़ रही है, साथ ही स्थानीय उत्पादकों को घाटी की सेब की किस्मों को प्रदर्शित करने और अपनी आय के स्रोत बढ़ाने का मौका भी दे रही है।

यह भी पढ़ें- 'हक नहीं मिला तो होगा बड़ा आंदोलन', जम्मू-कश्मीर में पंजाबी को आधिकारिक भाषा बनाने की उठी पुरजोर मांग