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अफसर पहले घर में बनाएंगे खाद... फिर देंगे तस्वीर, नहीं दी तो अटक जाएगी तनख्वाह; श्रीनगर नगर निगम का अनोखा आदेश

Published: Tue, 06 Oct 2026 05:02 PM (GMT+05:30)

श्रीनगर नगर निगम ने अपने सभी राजपत्रित अधिकारियों को घर पर गीले कचरे से खाद बनाने का निर्देश दिया है। ...और पढ़ें

श्रीनगर में घर में खाद बनाने की तस्वीर देने के बाद जारी होगी सैलरी। (फाइल फोटो)

श्रीनगर में घर में खाद बनाने की तस्वीर देने के बाद जारी होगी सैलरी। (फाइल फोटो)

HighLights

  1. श्रीनगर नगर निगम ने अधिकारियों को घर पर खाद बनाने को कहा।

  2. 10 दिन में खाद व्यवस्था की तस्वीरें जमा करना अनिवार्य।

  3. आदेश न मानने पर अधिकारियों का वेतन रोका जाएगा।

राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। शहर में कचरा प्रबंधन को लेकर श्रीनगर नगर निगम (एसएमसी) ने अब एक ऐसी पहल की है, जिसकी शुरुआत उसके अपने अधिकारियों के घरों से होगी। निगम ने सभी राजपत्रित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि जहां संभव हो, वे अपने घरों में कचरे से खाद बनाने की व्यवस्था शुरू करें और घर से निकलने वाले जैविक यानी गीले कचरे का निपटारा घर पर ही करें। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है।

एसएमसी आयुक्त कार्यालय की ओर से जारी आदेश में अधिकारियों को केवल खाद बनाने की व्यवस्था शुरू करने के लिए ही नहीं कहा गया है, बल्कि इसे नियमित और स्थायी रूप से चलाने पर भी जोर दिया गया है।

अधिकारियों को अपने घरों से निकलने वाले गीले कचरे को अलग करने और उचित तरीके से उससे खाद बनाने के निर्देश दिए गए हैं।

10 दिन में देनी होगी तस्वीर, तभी जारी होगी तनख्वाह

इस आदेश की सबसे खास बात इसकी कड़ी अनुपालन व्यवस्था है। सभी राजपत्रित अधिकारियों को अपने घर में बनाई गई खाद व्यवस्था या चल रही प्रक्रिया की स्थान की पहचान वाली तस्वीरें 10 दिन के भीतर संबंधित क्षेत्रीय अधिकारी या शाखा प्रमुख को देनी होंगी।

संबंधित क्षेत्रीय अधिकारी और शाखा प्रमुख इन तस्वीरों और अनुपालन का पूरा रिकॉर्ड तैयार करेंगे और इसकी संयुक्त रिपोर्ट नगर निगम आयुक्त कार्यालय को सौंपेंगे।

एसएमसी ने यह भी स्पष्ट किया है कि मौजूदा महीने की राजपत्रित अधिकारियों की तनख्वाह जरूरी तस्वीरें और खाद बनाने की व्यवस्था से संबंधित अनुपालन पूरा करने के बाद ही जारी की जाएगी। यानी इस बार आदेश केवल कागजों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इसका सीधा असर अधिकारियों की तनख्वाह पर भी पड़ेगा।

कचरा उठाने से पहले घर पर ही समाधान

एसएमसी का उद्देश्य है कि कचरा पैदा होने वाली जगह पर ही उसका अलग-अलग निपटारा किया जाए। गीले कचरे से घर पर खाद बनाने से उस कचरे की मात्रा कम होगी, जिसे नगर निगम को वाहनों के जरिए उठाकर कचरा निपटान केंद्रों तक पहुंचाना पड़ता है।

निगम का मानना है कि वरिष्ठ अधिकारी खुद इस व्यवस्था को अपनाकर कचरा वहीं संभालने की मिसाल कायम करेंगे। इससे आम लोगों को भी घर के स्तर पर कचरा अलग करने और गीले कचरे से खाद बनाने के लिए प्रेरणा मिल सकती है।