श्रीनगर, [राज्य ब्यूरो]। ईद-उल-जुहा के मुबारक मौके पर कश्मीर में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए दाखिल हुए विदेशी आतंकियों के आत्मघाती दस्ते को पकड़ने के लिए सुरक्षाबलों ने वीरवार को वादी के विभिन्न हिस्सों में तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान सभी महत्वपूर्ण प्रतिष्ठानों, संवेदनशील इलाकों और अल्पसंख्यकों की बस्तियों की सुरक्षा को भी बढ़ा दिया गया है।

इस बीच, सुरक्षा एजेंसियों के हाथ वादी के ऊपरी इलाकों में घूम रहे विदेशी आतंकियों की कुछ ताजा तस्वीरें लगी हैं। कहा जा रहा है कि यह तस्वीरें उन आतंकियों की हैं, जिन्हें ईद के दौरान किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने का जिम्मा उनके कमांडरों ने सौंपा है।गौरतलब है कि सुरक्षाबलों ने अपने तंत्र से पता लगाया है कि विदेशी आतंकियों के दो से तीन आत्मघाती दस्ते कश्मीर में दाखिल हो चुके हैं। यह आतंकी ईद के दौरान कोई बड़ा हमला करने की फिराक में हैं।अधिकारियों ने बताया कि गत सप्ताह जिला पुलिस लाइन पुलवामा पर हमला करने वाले आतंकियों के पांच से छह साथी अभी दक्षिण कश्मीर में ही कहीं घूम रहे हैं। वह किसी पुलवामा जैसा हमला दोहराने की फिराक में हैं। इसके अलावा लश्कर-ए-तैयबा ने भी ईद के मौके पर कोई बड़ा हमला करने की साजिश रचते हुए आत्मघाती आतंकियों को कश्मीर में किसी विशेष स्थान पर भेजा है।राज्य पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि आतंकियों की साजिशों को ध्यान में रखते हुए वादी में न सिर्फ सुरक्षा प्रतिष्ठानों की सुरक्षा बढ़ाई गई है बल्कि सभी अल्पसंख्यक बस्तियों के अलावा कुछ धर्मस्थलों की सुरक्षा को भी चाक चौबंद किया जा रहा है। आतंकी अपने मंसूबों को पूरा करने और कश्मीर में दहशत फैलाने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं।उन्होंने बताया कि पुलवामा जिले जैनपतरी इलाके में छह और त्राल व पांपोर में तीन से पांच और बंगडारा अनंतनाग के अलावा उत्तरी कश्मीर के बांडीपोर व श्रीनगर के बाहरी इलाकों में कुछ विदेशी आतंकियों की गतिविधियों को देखा गया है। यह आतंकी कुछ ही दिन पहले कश्मीर में दाखिल हुए हैं। कुछ विदेशी आतंकियों के कश्मीर के जंगलों में घूमते हुए फोटो पाए जाने पर उन्होंने कहा कि इन तस्वीरों की जांच हो रही है। तस्वीरों में नजर आने वाले इलाके की निशानदेही भी की जा रही है।अधिकारियों ने बताया कि पूरी वादी में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई है। प्रत्येक इलाके में आतंकियों व उनके समर्थकों से निपटने की अलग-अलग रणनीति बनाई गई है। श्रीनगर-जम्मू राष्ट्रीय राजमार्ग और श्रीनगर बाईपास पर विशेष चौकसी बरती जा रही है। आतंकियों के गाइडों और ओवरग्राउंड वर्करों की गतिविधियों की लगातार निगरानी की जा रही है। आबादी वाले इलाकों में पुलिस व सीआरपीएफ के संयुक्त कार्यदल लगातार गश्त कर रहे हैं, जबकि सेना की आरआर की विभिन्न वाहिनियों के जवान जंगली और पहाड़ी इलाकों में सुनियोजित तरीके से तलाशी ले रहे हैं। इसके साथ ही उत्तरी कश्मीर में नियंत्रण रेखा पर स्थित उन सभी रास्तों पर विशेष नाके लगाए गए हैं, जो घुसपैठ करने वाले आतंकी वादी के अंदरुनी इलाकों में दाखिल होने के लिए इस्तेमाल करते हैं।

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Posted By: Preeti jha

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