श्रीनगर, राज्य ब्यूरो । उत्तरी कश्मीर में एलओसी पर सेना की जवाबी कार्रवाई मेंं मुंह की खाने के बाद पाकिस्तानी सेना रविवार की शाम छह बजे से पूरी तरह खामोश हो गई है। इसके बावजूद भारतीय सेना के जवानों ने अग्रिम इलाकों में चौकसी को बढ़ाते हुए घुसपैठ और बैट कार्रवाई की आशंका के चलते सघन तलाशी अभियान चला रखा है। साथ ही अग्रिम नागरिक बस्तियों में रहने वाले लोगों और चरवाहों को अनावश्यक घरों से बाहर न निकलने और संदिग्ध तत्वों को देखते ही निकटवर्ती चौकी में सूचना देने को कहा है। प्रशासन ने भी आपात स्थिति में अग्रिम बस्तियों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की तैयारी कर ली है।

पाकिस्तान ने शनिवार की रात को उत्तरी कश्मीर में जिला बारामुला के अंतर्गत उड़ी और जिला कुपवाड़ा के अंतर्गत टंगडार,करनाह व केरन सेक्टर में संघर्ष विराम का उल्लंघन किया था। इसका भारतीय सेना ने कड़ा जवाब दिया, जिसमें 10 पाकिस्तानी सैनिक और 20 के करीब आतंकी मारे गए। सैन्य सूत्रों ने बताया कि पाकिस्तानी सेना द्वारा की गई गोलाबारी की आड़ में घुसपैठ का एक प्रयास करनाह और टंगडार सेक्टर के बीच हुआ था, इसे नाकाम बनाया गया है। इसे देखते हुए कुछ और जगहों पर घुसपैठ की कोशिशों से इन्कार नहीं किया जा सकता।

पाकिस्तानी सेना के बैट दस्ते के भी एलओसी पर किसी जगह बैठे होने की आशंका को नहीं नकारा जा सकता। इसलिए करनाह से लेकर उड़ी सेक्टर तक एलओसी के साथ सटे सभी अग्रिम इलाकों में सेना की विभिन्न टुकडिय़ों द्वारा सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। सभी दर्राें, नालों व जंगलों को खंगाला जा रहा है। तलाशी अभियान में सेना के कमांडो और खोजी कुत्तों के अलावा ड्रोन की भी मदद ली जा रही है। आतंकियों के कुछ पुराने गाइडों की निशानदेही की गई है।

सैन्य सूत्रों ने बताया कि सभी फील्ड कमांडरों को कहा गया है कि वह गुलाम कश्मीर पर किसी भी तरह संदिग्ध गतिविधि को देखते हुए प्रो-एक्टिव एप्रोच अपनाते हुए दुश्मन के हर दुस्साहस का मुंहतोड़ जवाब दें। डीआइजी उत्तरी कश्मीर रेंज सुलेमान चौधरी ने कहा कि कुपवाड़ा सेक्टर में हुए नुकसान का आकलन करने के लिए प्रशासन की टीम इलाके में गई है। प्रभावित ग्रामीणों को मदद दी गई है। पुलिस ने नागरिक प्रशासन के साथ अग्रिम इलाकों में रहने वालों को किसी भी आपात स्थिति में सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की एक कार्ययोजना तैयार की है।

Posted By: Rahul Sharma

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