राज्य ब्यूरो, श्रीनगर : वरिष्ठ राजनीतिज्ञ सत्यपाल मलिक ने वीरवार को जम्मू कश्मीर के 13वें राज्यपाल के रूप में पद एवं गोपनीयता की शपथ ग्रहण की। उन्हें राज्य की मुख्य न्यायाधीश गीता मित्तल ने राजभवन में एक भावपूर्ण समारोह में शपथ दिलाई। राज्य की कमान संभालते ही एसपी मलिक 'मिशन' पर जुट गए। पहले दिन राज्यपाल ने तीनों सलाहकारों बीबी व्यास, विजय कुमार, खुर्शीद अहमद गनई व मुख्य सचिव बीवीआर सुब्रह्मण्यम के साथ बैठक कर प्रशासनिक कामकाज, विकास व कश्मीर के हालात सामान्य बनाने पर मंत्रणा की। इसके बाद राज्यपाल ने प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह, राज्य विधानसभा के स्पीकर डॉ. निर्मल सिंह के साथ मुलाकत कर प्रधानमंत्री पैकेज के तहत मिले 80 हजार करोड़ के पैकेज से विकास को गति देने, पश्चिमी पाक रिफ्यूजियों व सीमांत लोगों की परेशानियों पर चर्चा की। निकाय व पंचायत चुनाव करवाने पर भी विमर्श किया गया। वोहरा शपथ ग्रहण समारोह से रहे दूर :

राज्यपाल सत्यपाल मलिक के शपथ ग्रहण समारोह में पूर्व राज्यपाल एनएन वोहरा नजर नहीं आए। सूत्रों के मुताबिक, वह मंगलवार शाम ही सपरिवार सरकारी विमान में दिल्ली रवाना हो गए थे। वोहरा ने दिल्ली में गत बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ ¨सह से भी मुलाकात की। यह दोनों शिष्टिाचार मुलाकातें थी, लेकिन इनमें राज्य के हालात पर भी चर्चा की गई। वोहरा को आज सुबह श्रीनगर लौटना था, लेकिन किन्हीं कारणों से शपथ ग्रहण समारोह में नहीं पहुंच पाए। शपथ ग्रहण समारोह में 400 गणमान्य नागरिक रहे मौजूद :

राज्यपाल के शपथ ग्रहण समारोह में करीब 400 राजनीतिक, प्रशासनिक अधिकारी और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे। इनमें प्रमुख तौर पर पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला, महबूबा मुफ्ती के अलावा पीएमओ में राज्यमंत्री डॉ. जितेंद्र ¨सह, राज्य विधानसभा के स्पीकर डॉ. निर्मल ¨सह, डिप्टी स्पीकर नजीर अहमद गुरेजी, राज्यपाल के तीनों सलाहकार बीबी व्यास, के विजय कुमार, खुर्शीद अहमद गनई और राज्य उच्च न्यायालय के पूर्व व मौजूदा न्यायाधीश, राज्य पुलिस महानिदेशक डॉ. एसपी वैद, मंडलायुक्त कश्मीर बसीर अहमद खान, पीडीपी के प्रवक्ता रफी अहमद मीर, भाजपा नेता द्रख्शां अंद्राबी, कांग्रेस नेता ताज मोहिउद्दीन, भाजपा नेता सुखनंदन और राज्य प्रशासन, सेना और अ‌र्द्धसैनिकबलों के सभी वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे।

राज्यपाल नहीं बोलते :

राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने राज्य के किसी भी मुद्दे पर बोलने से इन्कार कर दिया। शपथ ग्रहण समारोह के बाद मीडिया कर्मियों ने जब उनके साथ जम्मू कश्मीर के हालात और उनकी नियुक्ति के बारे में बात करने का प्रयास किया तो उन्होंने मुस्कराते हुए कहा, 'राज्यपाल नहीं बोलते'। 15 मिनट चला शपथ ग्रहण समारोह :

राजभवन में आयोजित राज्यपाल का शपथ ग्रहण समारोह करीब 15 मिनट चला। शपथ ग्रहण समारोह सुबह 11 बजे शुरू हुआ था। राज्यपाल की नियुक्ति के संदर्भ में राष्ट्रपति द्वारा जारी वारंट मुख्य सचिव बीवीआर सुब्रह्मण्यम ने पढ़ा। सत्यपाल मलिक को 21 अगस्त को राष्ट्रपति रामनाथ को¨वद ने तत्कालीन राज्यपाल एनएन वोहरा के स्थान पर जम्मू कश्मीर का राज्यपाल निर्वाचित किया था। कई उपलब्धियां हैं मलिक के नाम :

जम्मू कश्मीर के राज्यपाल नियुक्त होने से पहले सत्यपाल मलिक बिहार व उड़ीसा के राज्यपाल भी रह चुके हैं। कवि और लेखक एसपी मलिक हिसवाड़ा, बागपत, उत्तर प्रदेश के एक किसान परिवार में पैदा हुए थे। राजनीति में शामिल होने से पूर्व उन्होंने मेरठ विश्वविद्याल से लॉ की डिग्री प्राप्त की। उन्होंने भारतीय संसद द्वारा संचालित संवैधानिक एवं संसदीय मामले अध्ययन केंद्र नई दिल्ली से संसदीय मामलों में डिप्लोमा भी हासिल किया है। वह 1974-77 तक उत्तर प्रदेश विधानसभा के सदस्य रहे। वह 1980-86 और 1986-89 के दौरान उत्तर प्रदेश से राज्यसभा में सांसद भी रहे। अलीगढ़ संसदीय क्षेत्र से चुनाव जीतकर 1989 में वह नौवीं लोकसभा में सांसद बने। सत्यपाल मलिक 21 अप्रैल 1990 से 10 नवंबर 1990 तक संसदीय एवं पर्यटन मामलों के केंद्रीय राज्यमंत्री पद पर रहे। वह विभिन्न संसदीय समितियों के अध्यक्ष, सदस्य भी रहे हैं। इतिहास और पुरातत्व में रूची रखने वाले सत्यपाल मलिक ने एक कविता और पोलिटिकल कामेंट्री पर दो पुस्तकें भी लिखीं हैं। वह सामाजिक कार्याें के लिए भी जाने जाते हैं और उन्होंने गरीब श्रमिकों के बच्चों के लिए डे-केयर सेंटर स्थापित करने के अलावा छह दशक से भी ज्यादा समय तक अपने राजनीतिक जीवन में कई किसान व युवा आंदोलन का भी आयोजन किया है।

Posted By: Jagran