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कश्मीर में आतंक को ऑक्सीजन देने की पाकिस्तान की नई चाल, अब महिलाओं को बनाया ढाल; बांडीपोरा में 6 गिरफ्तार

By Naveen NawazEdited By: Dallu Slathia
Published: Sat, 24 Oct 2026 02:06 PM (IST)

पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी कश्मीर में आतंकवाद को बढ़ावा देने के लिए महिलाओं का इस्तेमाल कर रही है। बांडीपोरा में ...और पढ़ें

बांडीपोरा में 4 महिलाओं समेत 6 गिरफ्तार। (AI Generated)

बांडीपोरा में 4 महिलाओं समेत 6 गिरफ्तार। (AI Generated)

HighLights

  1. पाकिस्तान ने कश्मीर में आतंक फंडिंग के लिए महिलाओं का इस्तेमाल बढ़ाया।

  2. बांडीपोरा में पुलिस ने छह सदस्यीय आतंकी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया।

  3. गिरफ्तार लोगों में चार महिलाएं शामिल, सीमा पार से धन जुटा रही थीं।

नवीन नवाज, श्रीनगर। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी और सीमा पार बैठे आतंकी हैंडलरों ने कश्मीर में मरनासन्न आतंकवाद और अलगाववाद को वित्तीय सांस देने के लिए महिलाओं का इस्तेमाल बढ़ा दिया है। पाकिस्तान के इस नए षडयंत्र का खुलासा उत्तरी कश्मीर के बांडीपोर में पुलिस ने आतंकी फंडिंग के एक नए मॉड्यूल के छह सदस्यों की गिरफ्तार के आधार पर किया है। इनमें से चार महिलाएं ही हैं।

प्रतिबंधित अलगाववादी संगठन इत्तिहाद-उल-मुस्लिमीन से जुढ़ा यह माडयूल जेल में बंद आतंकियों-अलगाववादियों के जरिए नेटवर्किंग व सीमा पार से वित्तीय सहायता जुटाने और कश्मीर में आतंकी-अलगाववादी प्रचार में लिप्त है। पुलिस इस मॉड्यूल में शामिल एक मौलवी और दो कूरियरों की भी तलाश कर रही है।

पुलिस के अनुसार, मॉड्यूल का सरगना वहीद अहमद बट करीब दो वर्ष पहले ही जेल से छूटा है। वह उत्तरी कश्मीर में जिला कुपवाड़ा के अंतर्गत हंदवाड़ा का रहने वाला है। उसके मॉड्यूल में शामिल अन्य आरोपितों में इरफान अहमद रेशी, मुबीना बानो, खुशबू जान, महक जान और आलिया जान शामिल हैं। इन सभी को गिरफ्तार कर लिया गया है।

2022 में यूएपीए के तहत गिरफ्तार हुआ था वहीद अहमद बट

बताया जा रहा है कि पुलिस को अपने तंत्र से पता चला कि उत्तरी कश्मीर में आतंकियों-अलगाववादियों की मदद करने वाला एक नया मॉड्यूल सक्रिय हुआ है और उसमें कुछ महिलाएं भी हैं। पुलिस ने जांच शुरु की और वहीद अहमद बट के बारे में पता चला।

वहीद बट को वर्ष 2022 में कुपवाड़ा में एक राष्ट्रविरोधी रैली के सिलसिले में यूएपीए के तहत दर्ज एक मामले में पहले गिरफ्तार किया गया था। वह वर्ष 2024 में रिहा हुआ था।

पुलिस ने वहीद अहम बट की गतिविधियों की निगरानी शुरु की और मॉड्यूल के बारे में कुछ अहम सुराग मिले। पुलिस ने इस माडयूल में शामिल तत्वों की निगरानी शुरु की और उनके खिलाफ डिजिटल व अन्य सुबूत जमा कर उन्हें पकड़ लिया।

पाकिस्तानी हैंडलर के इशारे पर काम करने का आरोप

पुलिस के अनुसार, वहीद अहमद बट ने कुपवाड़ा जेल में बंद रहते हुए कथित तौर पर पाकिस्तान स्थित एक हैंडलर, जिसकी पहचान मंजूर अहमद शाह के रूप में हुई है, से संपर्क बहाल किया। इस काम में उसने जेल में बंद एक अन्य कैदी की भी मदद ली। जेल से रिहा होने के बाद उसने पाकिस्तानी हैंडलर के इशारे पर उत्तरी कश्मीर में आतंकी-अलगाववादी विचारधारा के प्रचार-प्रसार के लिए काम शुरू कर दिया।

वह गुप्त बैठकें आयोजित करता, उनमें विभिन्न लोगों को जुटाता और उन्हें कश्मीर में आतंकी-अलगाववादी गतिविधियों के लिए उकसाता था। उसने करीब दो दर्जन बैठकें कीं।

महिलाओं के बैंक खातों में सीमा पार से मंगवाए पैसे

पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, उसे जेल से रिहाई स्वास्थ्य कारणों से मिली थी और उसने इसका लाभ अलगाववादी गतिविधियों के प्रचार प्रसार के लिए उठाया। उसने अपने नेटवर्क में कुछ महिलाओं को शामिल किया और उनके साथ वह अक्सर बैठकें करता था। इनमें से पांच से छह बैठकें बांडीपोरा-बारामुला मार्ग पर स्थित एक छोटे होटल में आयोजित की गई थीं।

पुलिस इन बैठकों के उद्देश्य, उनमें शामिल लोगों और कथित नेटवर्क के विस्तार से जुड़े पहलुओं की जांच कर रही है। उसके मॉड्यूल में शामिल महिलाएं भी अपने इलाके में आतंकी-अलगाववादी विचारधारा के प्रचार प्रसार में कथित तौर पर सक्रिय रही। इसके अलावा वह उनके बैंक खातों में सीमा पार से पैसा मंगवाता था।

उसने बीते कुछ समय से अपने माडयूल में शामिल महिलाओं के जरिए लगभग आठ लाख रूपये मंगवाए हैं। इस राशि में से करीब 2.26 लाख रुपये बांडीपोरा के डाचीगाम निवासी मुबीना बानो के जम्मू-कश्मीर बैंक खाते में कथित तौर पर जमा किए गए। शेष रकम कथित रूप से नकद कूरियर के माध्यम से पहुंचाई गई।

मौलवी और कुपवाड़ा के दो कथित कूरियर की तलाश

धनराशि का एक हिस्सा कथित सहयोगियों के बीच बांटा गया, जबकि कुछ रकम का इस्तेमाल वहीद अहमद बट के चिकित्सा उपचार के लिए किए जाने का आरोप है।

जांच में शामिल एक पुलिस अधिकारी ने बताया कि इस मॉड्यूल में एक मौलवी और कुपवाड़ा के दो कथित कूरियर शामिल हैं। उनकी तलाश की जा रही है। जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

बांडीपोरा में एक साथ चार की गिरफ्तारी से बढ़ी चिंता

जम्मू कश्मीर पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि कश्मीर में आतंकी-अलगाववादी गतिविधियों में महिलाओं का इस्तेमाल कोई नया नहीं है। पहले किसी एक मॉड्यूल में एक-दो महिलाएं ही पायी जाती थी, लेकिन बांडीपोर में पकड़े गए एक ही मॉड्यूल में एक साथ चार महिलाओं का पकड़ा जाना, स्पष्ट करता है कि पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी और सीमा पार बैठे आतंकी हैंडलर अब स्थानीय नेटवर्क में महिलाओं की भागदीार बढ़ाने लगे हैं। महिलाओं पर किसी को आसानी से संदेह नहीं होता है।