'मैं भी करता हूं AI का इस्तेमाल...', छात्रों के बीच बोले सीएम उमर अब्दुल्ला, समझाया तकनीक के सही उपयोग का मंत्र
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि शिक्षा का मकसद केवल अंक हासिल करना नहीं बल्कि ज्ञान, विवेक और नैतिक मूल्यों ...और पढ़ें

उमर अब्दुल्ला की सलाह- होमवर्क और असाइनमेंट AI से न कराएं। (फाइल फोटो)
HighLights
शिक्षा का उद्देश्य केवल अंक नहीं, बल्कि सर्वांगीण विकास।
विद्यार्थियों को स्वतंत्र चिंतन और सवाल पूछने को प्रेरित किया।
एआई का जिम्मेदारी और नैतिकता के साथ उपयोग करें।
राज्य ब्यूरो, जम्मू। शिक्षा की सार्थकता केवल परीक्षा में बेहतर अंक हासिल करने या मेधावी विद्यार्थियों की सूची में स्थान बनाने तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका वास्तविक उद्देश्य ऐसी पीढ़ी तैयार करना है, जो ज्ञान के साथ विवेक, नैतिक मूल्यों और सामाजिक जिम्मेदारी से भी समृद्ध हो। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने गुरुवार को यह बात कहते हुए शिक्षा के व्यापक उद्देश्य पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित रखने के बजाय उनमें स्वतंत्र रूप से सोचने, सही-गलत का अंतर समझने और समाज के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करने की क्षमता विकसित की जानी चाहिए।
जम्मू स्थित कन्वेंशन सेंटर में आयोजित वार्षिक 'ऑनर एंड एक्सीलेंस अवॉर्ड्स' समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से निर्भीक होकर सवाल पूछने, तार्किक चिंतन विकसित करने और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का जिम्मेदारी एवं नैतिकता के साथ इस्तेमाल करने का आह्वान किया।
समाचार एजेंसी कश्मीर न्यूज ऑब्जर्वर (केएनओ) के अनुसार, मुख्यमंत्री ने समारोह में 99 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों सहित अन्य मेधावी छात्रों को सम्मानित किया। इसके अलावा 25 वर्ष की सेवा पूरी करने वाले कर्मचारियों को भी उनके योगदान के लिए सम्मानित किया गया।
शिक्षा का मकसद सिर्फ अच्छे अंक हासिल करना नहीं
मुख्यमंत्री ने कहा कि शैक्षणिक उत्कृष्टता का अपना महत्व है, लेकिन शिक्षा का व्यापक उद्देश्य विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास होना चाहिए, ताकि वे समाज और देश के विकास में सार्थक योगदान देने वाले जिम्मेदार नागरिक बन सकें।
सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म के बढ़ते प्रभाव का उल्लेख करते हुए उमर अब्दुल्ला ने कहा कि वर्तमान पीढ़ी ऐसी कई चुनौतियों का सामना कर रही है, जिनसे पिछली पीढ़ियां काफी हद तक अनजान थीं। ऐसे में विद्यार्थियों के लिए तकनीक के सही और सकारात्मक इस्तेमाल को समझना बेहद जरूरी है।
उन्होंने विद्यार्थियों को सलाह दी कि वे तकनीक को ज्ञान अर्जित करने और अपनी क्षमताओं को विकसित करने के माध्यम के रूप में अपनाएं। इसका इस्तेमाल नकल करने या अपना गृहकार्य और असाइनमेंट स्वयं करने के बजाय एआई पर निर्भर रहने के लिए नहीं किया जाना चाहिए।
भाषण तैयार करने के लिए AI की मदद लेते हैं उमर
मुख्यमंत्री ने एआई टूल्स के इस्तेमाल से जुड़ा अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि भाषण तैयार करने के दौरान वह भी कभी-कभी ChatGPT और Gemini की मदद लेते हैं। उन्होंने कहा कि तकनीक ने जीवन को कई मायनों में आसान बनाया है, लेकिन इसके साथ नई चुनौतियां भी सामने आई हैं। इसलिए इसका विवेकपूर्ण, जिम्मेदार और नैतिक उपयोग सुनिश्चित करना पहले से कहीं अधिक जरूरी हो गया है।
विद्यार्थियों में जिज्ञासा और स्वतंत्र चिंतन की भावना विकसित करने पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें अपने आसपास की परिस्थितियों और घटनाओं को लेकर सवाल पूछने में कभी संकोच नहीं करना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कोई भी सवाल मूर्खतापूर्ण नहीं होता, बल्कि मूर्खतापूर्ण जवाब हो सकते हैं।
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