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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 20, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा नहीं मिला तो SC जाएगी नेकां, उमर अब्दुल्ला ने कहा- सब हासिल करना है जो हमसे छीना गया

Published: Tue, 20 Aug 2024 01:20 PM (IST)

जम्मू- कश्मीर में विधानसभा चुनाव (Jammu- Kashmir Assembly Election) का बिगुल बज चुका है। चुनाव से पहले जम्मू- कश्मीर के ...और पढ़ें

चुनावी घोषणा पत्र के बारे में प्रेस कान्फ्रेंस में जानकारी देते उमर अब्दुल्ला। जागरण फोटो
चुनावी घोषणा पत्र के बारे में प्रेस कान्फ्रेंस में जानकारी देते उमर अब्दुल्ला। जागरण फोटो

HighLights

  1. हम जम्मू-कश्मीर के लिए पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल कराएंगे- उमर अब्दुल्ला।
  2. जम्मू-कश्मीर विधानसभा चुनाव में नेकां और कांग्रेस में गठबंधन की संभावना।
  3. उमर अब्दुल्ला ने आर्टिकल 370 को फिर से बहाल करने की मांग की।

राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। नेशनल कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने कहा कि अगर निकट भविष्य में केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा प्रदान नहीं करेगी तो हम सर्वोच्च न्यायालय में जाने से नही हिचकेंगे।

उन्होंने कांग्रेस के साथ गठजोड़ की संभावना जताई। साथ ही यह भी कहा कि भाजपा के साथ चुनाव पूर्व या चुनाव बाद किसी भी तरह के गठजोड़ नहीं होगा। कुछ लोग जानबूझकर भाजपा के साथ गठजोड़ की संभावना को हवा दे रहे हैं।

'हमें अपनी कामयाबी को लेकर कोई संदेह नहीं'

विधानसभा चुनाव के लिए पार्टी का घोषणापत्र जारी करने के बाद पत्रकारों से उमर ने कहा कि सच्चाई यह है कि हमें किसी दूसरे के सहारे के बजाय अपने दम पर लड़कर वह सब हासिल करना है जो हमसे छीना गया है। हमें अपनी कामयाबी को लेकर कोई संदेह नहीं है।

उन्होंने कहा कि सबसे पहले हम जम्मू-कश्मीर के लिए पूर्ण राज्य का दर्जा बहाल कराएंगे। हमने अपने चुनाव घोषणापत्र में जो वादे किए हैं, उन्हें पूरा करने के लगभग सभी अधिकार जम्मू-कश्मीर सरकार के पास हैं।

राज्य का दर्जा नहीं लौटाया तो सुप्रीम कोर्ट जाएंगे- उमर अब्दुल्ला

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने बार-बार कहा कि जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा लौटाया जाएगा। अगर नहीं लौटाया जाता तो हम चुनाव के बाद फौरन बाद सर्वोच्च न्यायालय में जाएंगे और अपने लिए इंसाफ मांगेंगे। हमें न्यायालय को सिर्फ यह बताना है कि केंद्र ने राज्य के दर्जे की पुनर्बहाली का वादा किया है।

आर्टिकल 370 को फिर से बहाल करने की मांग

अनुच्छेद 370 की पुनर्बहाली के वादे के सवाल के पर उमर अब्दुल्ला ने कहा कि इसके लिए हमारी राजनीतिक लड़ाई जारी रहेगी। अनुच्छेद 370 के निरस्तीकरण को सही ठहराने से पहले न्यायालय ने तीन बार अनुच्छेद 370 को सही ठहराते हुए इसे हटाने की याचिकाओं को खारिज किया है।

उमर अब्दुल्ला ने कहा कि अगर भाजपा ने इन तीन फैसलों के बावजूद हार नहीं मानी तो हम क्यों एक फैसले के बाद चुप हो जाएं। हम लोगों को यकीन दिलाते हैं कि हम इस मुद्दे पर शांत नहीं बैठेंगे। हमें यकीन है कि एक दिन इस देश में हालात बदलेंगे।

कांग्रेस के साथ गठबंधन की संभावना

कांग्रेस के साथ गठबंधन संबंधी अटकलों पर उन्होंने कहा कि कुछ सीटों पर तालमेल के लिए हमारी कांग्रेस के साथ जल्द ही बातचीत की प्रक्रिया शुरू हो रही है। गठबंधन को लेकर हम कितने कामयाब रहते हैं,यह अभी नहीं कहा जा सकता, क्योंकि बातचीत अभी शुरू होनी है।

'भाजपा के साथ जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी'

भाजपा के साथ गठजोड़ की किसी भी संभावना को नकारते हुए उमर अब्दुल्ला ने कहा कि हम भगवा पार्टी के साथ किसी भी तरह के तालमेल के बारे में नहीं सोचते। मीडिया पता नहीं कहां से इस तरह की अटकलों और अफवाहों को हवा देने में लगा है। आप चार अक्टूबर को आने दीजिए।

उन्होंने कहा कि हमारा मानना है कि हमें सरकार बनाने के लिए भाजपा के साथ जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। संसदीय चुनाव के दौरान हमने बहुत कुछ सीखा और समझा है, हमारी स्थिति उतनी बुरी नहीं है जितना कुछ लोग कहते हैं। हमें अच्छी तरह समझ आ चुका है कि निर्दलियों को भी हल्के में नहीं लिया जाना चाहिए,वह खतरनाक साबित हो सकते हैं।

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जमात-ए-इस्लामी से पाबंदी हटाएं

जमात-ए-इस्लामी जम्मू कश्मीर के चुनाव लड़ने संबंधी सवाल के जवाब में उमर अब्दुल्ला ने कहा मुझे अफसोस है कि केंद्र सरकार ने जमात पर लगी पाबंदी नहीं हटाई। जमात के कई नेताओं ने एक बार नहीं कई बार कहा है कि अगर पाबंदी हटेगी तो वह भी चुनाव लड़ेंगे।

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