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आखिर कश्मीरियों पर शक क्यों? महबूबा मुफ्ती ने केंद्र से पूछा तीखा सवाल, नेकां पर भी साधा निशाना

Published: Mon, 02 Nov 2026 02:21 PM (IST)

पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने नेशनल कॉन्फ्रेंस पर हमला बोलते हुए कहा कि कश्मीर में मौजूदा राजनीतिक अविश्वास के लिए नेकां नेतृत्व भी जिम्मेदार है।

PDP ने श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर पार्क में एक विशाल सम्मेलन आयोजित किया। (फोटो- जागरण साहिल मीर)

PDP ने श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर पार्क में एक विशाल सम्मेलन आयोजित किया। (फोटो- जागरण साहिल मीर)

HighLights

  1. महबूबा ने नेकां को राजनीतिक अविश्वास का जिम्मेदार ठहराया।

  2. युवाओं की प्रताड़ना, कर्मचारियों की बर्खास्तगी से बढ़ रहा अविश्वास।

  3. केंद्र सरकार से जम्मू-कश्मीर के लोगों से बातचीत का आग्रह।

राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर और केंद्र सरकार के बीच राजनीतिक ही नहीं, भावनात्मक दूरी भी बढ़ रही है। आखिर कश्मीरियों को आज भी संदेह की नजर से क्यों देखा जा रहा है? युवाओं की प्रताड़ना, कश्मीरी कर्मचारियों की बर्खास्तगी और जनजातीय समुदायों की बेदखली जैसे मुद्दों पर पीडीपी अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने सोमवार को नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) को घेरा। उन्होंने आरोप लगाया कि कश्मीर में मौजूदा राजनीतिक अविश्वास के लिए नेशनल कॉन्फ्रेंस का नेतृत्व भी जिम्मेदार है।

श्रीनगर के शेर-ए-कश्मीर पार्क में पीडीपी स्थापना दिवस पर आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन में महबूबा ने कहा कि आखिर भारत को कश्मीरियों पर इतना संदेह क्यों है?

उन्होंने सवाल उठाया कि कब तक जम्मू-कश्मीर को ताकत के दम पर चलाया जाएगा और केंद्र सरकार लोगों की नाराजगी समझने के लिए उनसे बातचीत क्यों नहीं करती?

'नेकां के शासनकाल में लोगों ने झेले बहुत कष्ट'

महबूबा ने नेशनल कॉन्फ्रेंस पर हमला बोलते हुए कहा कि प्रधानमंत्री वाली व्यवस्था से मुख्यमंत्री वाली व्यवस्था तक पहुंचते-पहुंचते उन्होंने स्वायत्तता की मांग को ही दफन कर दिया। उन्होंने कश्मीर में आतंकवाद के मुश्किल दौर के लिए नेशनल कॉन्फ्रेंस नेतृत्व को भी जिम्मेदार ठहराया।

नेकां शासनकाल में लोगों ने बहुत कष्ट झेला। उन्होंने यह आरोप भी लगाया कि उस दौरान पार्टी ने 'इख्वान' बलों का इस्तेमाल किया था। पाकिस्तान पर नेकां अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला की टिप्पणी का जिक्र करते हुए महबूबा ने कहा कि कश्मीरियों ने पहले ही अपना फैसला ले लिया है और वे भारत के साथ खड़े हैं।

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शेख अब्दुल्ला से लेकर वाजपेयी तक का किया जिक्र

जम्मू-कश्मीर के भारत में विलय में शेख मोहम्मद अब्दुल्ला की भूमिका को याद करते हुए, पीडीपी प्रधान ने कहा कि मुस्लिम बहुल क्षेत्र होने के बावजूद उन्होंने भारत पर भरोसा जताया था। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू और महात्मा गांधी के साथ शेख अब्दुल्ला के संबंधों का भी जिक्र किया।

महबूबा ने बताया कि शेख अब्दुल्ला ने शांति बहाल करने में मदद के लिए पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को जम्मू-कश्मीर बुलाया था। उन्होंने 'मुगल रोड' के निर्माण का भी उल्लेख किया।

पीडीपी ने कभी दोहरी राजनीति नहीं 

पीडीपी के गठन का उद्देश्य जम्मू-कश्मीर की गरिमा और पहचान बहाल करना बताते हुए महबूबा ने कहा कि उनकी पार्टी ने कभी दोहरी राजनीति नहीं की। उन्होंने दावा किया कि उनकी पार्टी ने कभी भी कोई 'दोहरा एजेंडा' नहीं अपनाया।

उन्होंने भारत सरकार से जम्मू-कश्मीर के लोगों के साथ बातचीत शुरू करने का आग्रह किया और सवाल उठाया कि आखिर कब तक इस क्षेत्र पर ताकत के दम पर शासन किया जा सकता है।

उन्होंने 10 अक्टूबर को दिल्ली में हुए घटनाक्रम का हवाला देते हुए सरकार से लोगों के गुस्से और चिंताओं को समझने की अपील की।

पाकिस्तान को कहा 'डाकिस्तान'

पाकिस्तान पर तंज कसते हुए उन्होंने उसे 'डाकिस्तान' भी कहा और चेतावनी दी कि जम्मू-कश्मीर की पहचान मिटाने की कोशिश करने वालों को खुद इसके परिणाम भुगतने पड़ेंगे।

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