राज्य ब्यूरो, श्रीनगर : बॉलीवुड के मशहूर अदाकार मनोज वाजपेयी ने मंगलवार को कश्मीर की खूबसूरती और मेहमाननवाजी की तारीफ की। उन्होंने कहा कि मुझे यहां आकर बहुत अच्छा लगता है। मैं यहां खुद को सुरक्षित महसूस कर रहा हूं।

गौरतलब है कि मनोज बाजपेयी इन दिनों श्रीनगर में एक वेब सीरीज द फैमिली मैन की शू¨टग के लिए आए हैं। इसे राज निदिमोरू और कृष्णा डीके की जोड़ी डायरेक्ट कर रही है। इसके इसी साल एमेजॉन प्राइम पर रिलीज होने की संभावना है।

पर्यटन निदेशक कश्मीर तसद्दुक जिलानी और फिल्म क्रियू के सदस्यों की मौजूदगी में मनोज वाजपेयी ने कहा कि अगर कश्मीर को लेकर कोई नकारात्मक भ्रम फैले हैं तो उन्हें दूर करना जरूरी है। इसके लिए हम हर संभव सहयोग करेंगे। फिल्मवालों को यहां आना चाहिए, यह मेरा मानना है। फिल्मों की यहां ज्यादा से ज्यादा शू¨टग हो, इसके लिए जरूरी है कि ऐसी कहानियां लिखी जाएं जिनमें कश्मीर का विस्तार से जिक्र हो। कश्मीर के बारे में अच्छी बाते हों। मुझे यहां आना बहुत अच्छा लगता है। मैं पहले भी अपनी एक फिल्म की शू¨टग के सिलसिले में यहां आ चुका हूं। यहां 500 से ज्यादा पर्यटन स्थल हैं। कश्मीर एक एतिहासिक पर्यटन स्थल है।

कश्मीर की मेहमाननवाजी और लोगों की सहृदयता का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि मैं बचपन में अपने माता-पिता के साथ आया था। हम झेलम में एक हाउसबोट में ठहरे थे। हाउसबोट के मालिक हम बच्चों के संरक्षक बन गए थे। वह हमें बहुत प्यार करते थे। हमें हमारी गलतियों पर डांटते थे। वह हमसे मजाक करते थे और खेलते थे। अकसर हमें कहते थे कि जो ठंडे पानी में नहाएगा, उसे दस रुपये मिलेंगे, लेकिन मैं दरिया के ठंडे पानी में नहीं नहाता था।

मनोज वाजपेयी ने कहा कि मुझे तो यहां आकर बहुत अच्छा लगता है, मैं यहां खुद को सुरक्षित महसूस कर रहा हूं। एक भारतीय होने के नाते मैं जहां भी जाऊंगा, लोगों को कश्मीर आने के लिए प्रेरित करूंगा।

शू¨टग के लिए राज्य सरकार की तरफ से सहयोग संबंधी सवाल के जवाब में उन्होंने कहा कि यहां पर्यटन विभाग का रवैया काफी उत्साहजनक है। पर्यटन निदेशक हमें कश्मीर में शू¨टग के लिए हर संभव सहयोग प्रदान कर रहे हैं।

इस बीच, पर्यटन निदेशक कश्मीर तसद्दुक जिलानी ने कहा कि हम कश्मीर के बारे में फैली नकारात्मक बातों को दूर करने और कश्मीर को एक बार फिर बॉलीवुड का पसंदीदा शू¨टग स्थल बनाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठा रहे हैं। बीसवीं शताब्दी में 60 से 80 के दशक तक कश्मीर फिल्मों की शू¨टग के लिहाज से बॉलीवुड की पहली प्राथमिकता रहा है। हम एक बार फिर कश्मीर में बॉलीवुड को लाने का प्रयास कर रहे हैं। इससे स्थानीय कलाकार भी लाभान्वित होंगे और कश्मीर में पर्यटन भी बढ़ेगा।

Posted By: Jagran