माही वे मोहब्बता... डल झील किनारे सिंगर रानी हाजरिका ने बांधा समां; अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में झूमे सिनेमा प्रेमी
श्रीनगर में पहले अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (आईएफएफजेके) के उद्घाटन समारोह में प्लेबैक सिंगर रानी हाजरिका ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से समां बांध दिया।

डल झील किनारे सिंगर रानी हाजरिका ने बांधा समां। फोटो जागरण
HighLights
रानी हाजरिका ने आईएफएफजेके उद्घाटन में दी शानदार प्रस्तुति।
कश्मीरी लोक संगीत और बॉलीवुड गीतों का खूबसूरत संगम।
एसकेआईसीसी में संगीत और रोशनी का भव्य आयोजन।
राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। शेर-ए-कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर (एसकेआईसीसी) के खुले लान में सोमवार शाम संगीत और रोशनी का खूबसूरत संगम देखने को मिला। जम्मू-कश्मीर के पहले अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (आईएफएफजेके) के उद्घाटन समारोह में प्लेबैक सिंगर रानी हाजरिका ने अपनी शानदार प्रस्तुतियों से समां बांध दिया।
रानी हाजरिका ने कार्यक्रम की शुरुआत कश्मीरी रंग में रंगी प्रस्तुति ‘सलामी वाजवान’ से की। उनकी आवाज में कश्मीर की खुशबू और लोक संगीत की मिठास सुनाई दी, जिसे वहां मौजूद फिल्मकारों, कलाकारों, अभिनेताओं और सिनेमा प्रेमियों ने तालियों के साथ सराहा।
माही वे मोहब्बता...
इसके बाद उन्होंने बालीवुड के लोकप्रिय गीतों की ओर रुख किया। ‘माही वे मोहब्बता’ और ‘जिंदगी में कोई आए न रब्बा’ जैसे गीतों की प्रस्तुति ने दर्शकों को परिचित और मधुर धुनों की दुनिया में पहुंचा दिया।
एसकेआईसीसी के खुले परिसर में रोशनी से जगमगाते लॉन और लाइव म्यूजिक व बैंड की प्रस्तुतियों ने माहौल को उत्सव जैसा बना दिया। चार दिवसीय फिल्म महोत्सव की शुरुआत संगीत और सांस्कृतिक रंगों के बीच हुई।
रानी हाजरिका की प्रस्तुति में कश्मीरी संगीत की मिठास और बालीवुड की पुरानी यादों का खूबसूरत मेल देखने को मिला। उनकी प्रस्तुति ने आईएफएफजेके के उद्घाटन समारोह में संगीत के रंग को और गहरा कर दिया।
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