'कश्मीर आना मेरे लिए घर वापसी...', फातिमा शेख और विधु विनोद चोपड़ा ने की अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव की तारीफ
बॉलीवुड अभिनेत्री फातिमा सना शेख और फिल्मकार विधु विनोद चोपड़ा ने जम्मू-कश्मीर के पहले अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव की सराहना की। ...और पढ़ें

विधु विनोद चोपड़ा ने की अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव की तारीफ। फोटो जागरण
HighLights
फातिमा सना शेख ने कश्मीर को घर वापसी जैसा बताया।
विधु विनोद चोपड़ा ने युवाओं को प्रतिभा पर भरोसा रखने को कहा।
सिनेमा और सांस्कृतिक आयोजन लोगों को जोड़ने का माध्यम हैं।
राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। बालीवुड अभिनेत्री फातिमा सना शेख ने जम्मू-कश्मीर के पहले अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (आइएफएफजेके) की सराहना करते हुए कहा कि सिनेमा और सांस्कृतिक आयोजन लोगों को जोड़ने का सशक्त माध्यम हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से कश्मीर का देश-दुनिया के साथ सांस्कृतिक जुड़ाव और मजबूत होगा।
श्रीनगर में महोत्सव से इतर मीडिया से बातचीत में फातिमा ने कश्मीर आने पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि कई वर्षों बाद यहां लौटकर उन्हें ऐसा महसूस हो रहा है, जैसे वह घर वापस आई हों। अभिनेत्री ने महोत्सव के उद्घाटन संस्करण का हिस्सा बनने पर खुशी और गर्व जताया तथा आयोजन से जुड़े सभी लोगों का आभार व्यक्त किया।
कश्मीर में फिल्मों की शूटिंग जारी रहे
फातिमा ने कहा कि कोई भी फिल्म महोत्सव या सांस्कृतिक आयोजन बेहद महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि यह लोगों को एक-दूसरे के करीब लाता है। सिनेमा भी यही भूमिका निभाता है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर में अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव के आयोजन को महत्वपूर्ण पहल बताते हुए कहा कि ऐसी गतिविधियां क्षेत्र के सांस्कृतिक परिदृश्य को समृद्ध करेंगी।
कश्मीर में भविष्य में भी ऐसे महोत्सव आयोजित होने की संभावना पर उन्होंने कहा, “100 प्रतिशत, मुझे लगता है कि यह पहले से ही हो रहा है।” उन्होंने कहा कि कश्मीर में पहले भी फिल्मों की शूटिंग होती रही है और आज भी जारी है।
कश्मीर मेरे लिए घर जैसा
प्रसिद्ध फिल्मकार विधु विनोद चोपड़ा ने सोमवार को जम्मू-कश्मीर के पहले अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (आइएफएफजेके) में अपनी भागीदारी को भावनात्मक घर वापसी बताया। उन्होंने कश्मीर से अपने बचपन, शिक्षा और जुड़ाव को याद करते हुए स्थानीय युवाओं से अपनी प्रतिभा पर भरोसा रखने और उसे दुनिया के सामने लाने की अपील की।
आइएफएफजेके 2026 से इतर पत्रकारों से बातचीत में चोपड़ा ने कहा कि कश्मीर उनके लिए घर है। उन्होंने एसपी कालेज में बिताए दिनों को याद करते हुए कहा कि उन्होंने यहीं शिक्षा हासिल की और अमीरा कदल से फिल्म जगत तक का सफर तय किया। उन्होंने कहा कि महोत्सव के माध्यम से कश्मीर लौटना उनके लिए बेहद भावुक क्षण है।
कश्मीर में प्रतिभा की कमी नहीं
फिल्मकार ने कहा कि कश्मीर में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। युवाओं को खुद को कमतर नहीं आंकना चाहिए और दुनिया को दिखाना चाहिए कि वे क्या कर सकते हैं। उन्होंने आइएफएफजेके को स्थानीय फिल्मकारों के लिए बड़ा अवसर बताते हुए कहा कि इससे दुनिया भर की फिल्में और फिल्मकार कश्मीर आ सकते हैं।
चोपड़ा ने कहा कि कश्मीर की अपनी कहानियां हैं, जिन्हें सिनेमा के माध्यम से दुनिया तक पहुंचाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मैं अमीरा कदल से हूं। मैं कश्मीरी हूं, कश्मीरी जानता हूं।
