विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

2023 में कश्मीर घुसा था मूसा, 2024 तक 4 हमलों में नाम; सुरक्षाबलों के जाल में कैसे फंसा आतंकी? पढ़ें इनसाइड स्टोरी

By Naveen NawazEdited By: Dallu Slathia
Published: Wed, 30 Sep 2026 11:57 AM (IST)

बडगाम में सुरक्षाबलों ने लश्कर-ए-तैयबा के कुख्यात पाकिस्तानी आतंकी मूसा को एक मुठभेड़ में मार गिराया। मूसा राजौरी-पुंछ, गुलमर्ग और ...और पढ़ें

बडगाम में लश्कर आतंकी मूसा मार गया।

बडगाम में लश्कर आतंकी मूसा मार गया।

HighLights

  1. बडगाम में सुरक्षाबलों ने लश्कर आतंकी मूसा को मार गिराया।

  2. मूसा राजौरी-पुंछ, गुलमर्ग सहित कई बड़े आतंकी हमलों में शामिल था।

  3. वह पूर्व में पाकिस्तानी सेना का कमांडो भी था।

राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। कश्मीर घाटी के गुरवेथ कलां, बडगाम में मंगलवार की रात को एक मुठभेड़ में सुरक्षाबलों ने लश्कर ए तैयबा के एक कुख्यात पाकिस्तानी आतंकी मोहम्मद अासिफ उर्फ मूसा उर्फ हाशिम उर्फ फौजी को मार गिराया। उसके शव के पास से सुरक्षाबलों ने एक एसाल्ट राइफल और गोला बारुद समेत हथियारों का एक जखीरा बरामद किया है।

मूसा न सिर्फ जिला राजौरी में सुरक्षाबलों पर हमले की विभिन्न वारदातों में शामिल रहा है, बल्कि बोटापथरी गुलमर्ग और सोनमर्ग गांदरबल में हुए आतंकी हमलों में भी शामिल था। जिस इलाके में यह मुठभेड़ हई है, वह पर्यटनस्थल युसमर्ग का ही एक हिस्सा है और यह पीरं पंजाल की पहाड़ियों में है।

खुफिया इनपुट पर 53 आरआर ने शुरू किया अभियान

संबधित अधिकारियों ने हाशिम उर्फ मूसा उर्फ फौजी के मारे जाने की पुष्टि करते हुए बताया कि, जिला बडगाम में खानसाहब कस्बे से लगभग पांच किलोमीटर दूर गुरवेथ कलां गांव के पास मंगलवार की दोपहर बाद सुरक्षाबलों को अपने तंत्र से आतंकियों को देखे जाने की सूचना मिली। सेना की 53 आरआर के जवानों ने उसी समय आतंकियों के खिलाफ एक अभियान चलाया ।

देर शाम गए उन्होंने उस जगह को चिह्नित कर लिया जहां आतंकियाें ने ठिकाना बनाया था। जवानों को अपने ठिकाने की तरफ बढ़ते देख आतकियों ने वहां से भागने का प्रयास किया। उन्होंने जवानों को अपने पीछे आने से रोकने के लिए उन पर फायरिंग भी की।

जवानों ने खुद को बचाते हुए जवाबी फायर किया और आतंकियों को मुठभेड़ में उलझा लिया। आधी रात के बाद दोनाें तरफ से गोलीबारी बंद हो गई थी। बुधवार की सुबह जब तलाशी ली गइ्र तो वहां एक आतंकी का शव मिला।

पाकिस्तानी सेना का कमांडो था मूसा

उन्होंने बताया कि मारे गए आतंकी के पास से मिले सामान से ही उसके हाशिम उर्फ मूसा होने की पुष्टि हुई है। लश्कर ए तैयबा का एक सक्रिय आतंकी बनने से पहले वह पाकिस्तानी सेना का कमांडो था। वह पाकिस्तानी सेना के स्पेशल स्ट्राइक ग्रुप और सर्जिकल स्ट्राइक ग्रुप व एसएसजी कहते हैं, का सदस्य था। वह पाकिस्तानी सेना में हवलदार था और उसका नंबर- पीए 3106947 बताया जाता है। सेना से रिटायर होने के बाद वह लश्कर का सदस्य बना था।

2023 में सैन्य दस्ते को बनाया था निशाना

आसिफ उर्फ मूसा ने वर्ष 2023 के दौरान अपने पांच से छह साथियों से राजौरी-पुंछ के रास्ते जम्मू कश्मीर में घुसपैठ की थी। वह चार अगस्त 2023 में कुलगाम के हालन में एक सैन्य दस्ते पर हमले में भी शामिल था। उसने ही पुंछ के डेरा की गली में 21 दिसंबर 2023 को एक सैन्यदल पर अपने साथियों संग हमला किया था।

पुंछ के शासतर में वायुसेना के जवानों पर हमला

पुंछ के शासतर इलाके में चार मई 2024 को वायुसेना के जवानों पर भी हमले में वह शामिल था। गुलमर्ग के बोटापथरी इलाके में 24 अक्टूबर 2024 को सैन्य दल पर हुएहमले में भी वह शामिल था।

अशदार मुठभेड़ में घायल होकर बच निकला था मूसा

इस बीच, संबधित सूत्रों ने बताया कि हाशिम इसी माह के पहले सप्ताह अशदार बडगाम की पहाड़ियों में सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड में घायल होने के बाद भागने में कामयाब रहा था जबकि उसका साथी याासिर मारा गया था।

सुरक्षाबलों ने अशदार के आस पास के सभी इलाकों में लगातार निगरानी रखी हुई थी, क्योंकि उन्हें मालूम था कि मुठभेड़ में बच निकला आतंकी आस पास की बस्तियों में जरुर जाएगा या किसी से संपर्क करने का प्रयास करेगा और गत मंगलवार को उसका पता चल गया।

पहलगाम हमले का ₹20 लाख का इनामी आतंकी मूसा बडगाम एनकाउंटर में ढेर, पाकिस्तानी सेना का रह चुका है पैरा-कमांडो