राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। Lashkar Module Busted. जम्मू-कश्मीर में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए लश्कर-ए-तैयबा ने पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी (आइएसआइ) की मदद से द रजिस्टेंस फ्रंट जम्मू-कश्मीर (टीआरएफ जेके) नामक संगठन तैयार किया है। यह संगठन किसी वारदात को अंजाम देता, उससे पहले पुलिस ने सेना की मदद से इसके छह सदस्यीय मॉड्यूल को ध्वस्त कर बड़ी मात्रा में हथियार व गोलाबारूद बरामद किया है।

सूत्रों ने बताया कि टीआरएफ जेके के आतंकियों को उत्तरी कश्मीर में कुछ खास लोगों की हत्या करने और सुरक्षाबलों पर हमले का जिम्मा सौंपा गया था। इसके अलावा अपने संगठन में और लड़कों को शामिल करने के लिए कहा गया था। यह सभी सोशल मीडिया पर टेलीग्राम मैसेंजर और वाट्सएप के जरिए पाकिस्तान में बैठे अपने हैंडलर जिसका नाम एंड्रयू जोनस व खान बिलाल है, से संपर्क में थे।

पुलिस को पता चला था कि सोपोर में अस्पताल के पास हथियारों की डिलीवरी होने वाली है। पुलिस ने अपने दस्ते को अस्पताल के आसपास तैनात कर दिया। हथियारों के लेनदेन के लिए जब चार संदिग्ध पहुंचे तो उन्हें पकड़ लिया गया। इनकी पहचान एहतिशाम फारूक मलिक, शफकत अली टागू, मुसैब हसन बट व निसार अहमद गनई के रूप में हुई है। इनके पास से एक पिस्तौल और 12 ग्रेनेड मिले। पकड़े गए चारों युवक सोपोर के विभिन्न हिस्सों के रहने वाले हैं। इसके अलावा कुपवाड़ा जिले के केरन का रहने वाला कबीर अहमद लोन व शराफत को भी पकड़ा गया है।

एसएसपी सोपोर जावेद इकबाल ने बताया कि पकड़े गए सभी लोग लश्कर से जुड़े हैं। इन सभी को बीते 24 घंटों के दौरान पकड़ा गया है। शराफत से पूछताछ के आधार पर पता चला कि उत्तरी कश्मीर में नियंत्रण रेखा से सटे कुपवाड़ा के केरन सेक्टर में बनाए गए ठिकाने में हथियारों को छिपाया गया था। पुलिस ने सेना की 6 राष्ट्रीय राइफल्स के जवानों की मदद से हथियारों के जखीरे को जब्त कर लिया। इसमें आठ एसाल्ट राइफलें, 25 एके मैगजीन, 750 एके कारतूस, 16 मैगजीन और 351 कारतूसों समेत नौ पिस्तौल, 77 ग्रेनेड व 21 डेटोनेटर फ्यूज हैं। सुरक्षाबलों ने रविवार रात को ही इस ठिकाने को नष्ट किया था।

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