राज्य ब्यूरो, श्रीनगर : अलगाववादियों के चुनाव बहिष्कार और आतंकियों की धमकी के बीच कुलगाम में दूसरे चरण की मतदान प्रक्रिया को सुरक्षित, शांत और विश्वासपूर्ण माहौल में कराने के लिए सुरक्षाबलों का तीन स्तरीय सुरक्षा चक्र तैनात किया है। आतंकरोधी अभियानों के लिए अलग-अलग दस्तों को तैनात किया जा रहा है। डेढ़ सौ शरारती तत्वों को हिरासत में लिया है। कुलगाम ,पुलवामा और शोपियां में ही सबसे ज्यादा संख्या में आतंकी सक्रिय हैं। इन्हीं तीन जिलों में जमात-ए-इस्लामी का प्रभाव ज्यादा है। रियाज नायकू, जाकिर मूसा,लतीफ टाइगर, वासित, जैसे कई नामी आतंकी भी इन्हीं जिलों में हैं। चुनाव आयोग और राज्य प्रशासन को डर है कि कुलगाम, पुलवामा व शोपियां में मतदान का प्रतिशत और नीचे जा सकता है। तीनों जिलों में पुलिस, अर्धसैनिकबलों और सेना की 450 कंपनियों को चुनाव ड्यूटी के लिए तैनात किया है। राष्ट्रविरोधी प्रदर्शनों से निपटने के लिए सिर्फ पुलिस और सीआरपीएफ के अधिकारियों व जवानों को तैनात किया जा रहा है। आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए सेना के जवानों के साथ साथ राज्य पुलिस और सीआरपीएफ के विशेष दस्ते लगाए जा रहे हैं। तीनों जिलों मेंआने जाने के सभी रास्तों, इन जिलों में राष्ट्रीय राजमार्ग के साथ सटे इलाकों में विशेष पड़ताल चौकियां व नाके स्थापित किए जा रहे हैं। इन जिलों में शरारत तत्वों की निगरानी के लिए पुलिस ने अपना ह्यूमन इंटेलीजेंस नेटवर्क पूरी तरह सक्रिय करते हुए इलेक्ट्रानिक सर्वेलांस भी तेज कर दिया है। मतदान केंद्रो की सुरक्षा और आतंकरोधी अभियानों में खोजी कुत्तों व ड्रोन की मदद ली जा रही है। कुछ खास जगहों पर सीसीटीवी कैमरे भी लगाए गए हैं। सुरक्षाबलों को हिदायत दी गई है कि वे हिसक तत्वों से निपटते हुए यथासंभव अत्याधिक बल प्रयोग से बचें। संबंधित अधिकारी अपने अधीनस्थजवानों की लगातार हालात के मद्देनजर ब्रीफिग कर रहे हैं और रोजाना मॉक ड्रिल करते हुए , सभांवतित आतंकी हमलों से निपटने की तैयारियों का भी जायजा लिया जा रहा है।

Posted By: Jagran