राज्य ब्यूरो, श्रीनगर : आतंकियों ने बेशक पुलिसकर्मियों के अगवा परिजनों को रिहा कर दिया, लेकिन इस घटना के बाद से नौकरी छोड़ने का एलान करने वाले स्पेशल पुलिस आफिसर (एसपीओ) की तादाद शनिवार को पांच पहुंच गई। इस बीच, सुरक्षाबलों ने हिज्ब के डिवीजनल कमांडर रियाज नायकू के गांव और उप जिला अस्पताल त्राल में आतंकियों के छिपे होने की भनक लगते ही अलग-अलग कासो (घेराबंदी कर तलाशी अभियान) चलाए।

सूत्रों के अनुसार, शनिवार को मिडूरा त्राल के रहने वाले एक एसपीओ ने स्थानीय मस्जिद में शाम की नमाज के समय पुलिस संगठन से इस्तीफा देने का एलान किया। इससे पूर्व मिडूरा के रहने वाले एसपीओ बिलाल अहमद कुमार ने शुक्रवार को इस्तीफा दिया था। वीरवार की रात को उसके घर में आतंकियों ने तोड़फोड़ भी की थी। पांजथ काजीगुंड में एसपीओ फैसल अहमद शाह, जावूरा शोपियां के मोहम्मद इसहाक और अरिहाल पुलवामा के गुलजार अहमद वागे ने एसपीओ पद से इस्तीफा दे दिया है।

इस बीच सेना की 42 आरआर और सीआरपीएफ की 180वीं वाहिनी व राज्य पुलिस विशेष अभियान दल एसओजी के जवानों ने उप जिला अस्पताल त्राल को दोपहर बाद अचानक घेर लिया। सुरक्षाबलों को अपने तंत्र से पता चला था कि अस्पताल में दो आतंकी आए हैं। सुरक्षाबलों ने अस्पताल में आने जाने के सभी रास्ते बंद करते हुए वहां तलाश ली, लेकिन कोई नहीं मिला। इसके बाद जवानों ने कासो समाप्त कर दिया। स्थानीय सूत्रों की मानें तो सुरक्षाबलों की घेराबंदी शुरू होने से पहले ही आतंकी वहां से निकल चुके थे। इस बीच, सुरक्षाबलों ने रियाज अहमद नायकू के गांव बेगीपोरा पुलवामा में आतंकियों के एक दल को देखे जाने की सूचना पर कासो चलाया। इस अभियान में देर रात तक कोई भी पकड़ा या मारा नहीं गया था। गौरतलब है कि रियाज नायकू के इशारे पर ही बीते तीन दिन में दक्षिण कश्मीर में आतंकियों ने पुलिसकर्मियों के 11 रिश्तेदार अगवा किए थे, जिन्हें बाद में छोड़ दिया गया था।

Posted By: Jagran