कश्मीर की बर्फीली वादियों से जर्मनी तक पहुंची ‘द सलेज’, कश्मीरी बच्चों की मासूम कहानी ने जीता जर्मनी का दिल
राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता राजा शबीर खान की कश्मीरी फिल्म 'द सलेज' का चयन जर्मनी के 31वें श्लिंगेल इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल के लिए हुआ है।
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‘द सलेज’ का 31वें श्लिंगेल इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में चयन।
HighLights
'द सलेज' का चयन 31वें श्लिंगेल इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल में
फिल्म का वर्ल्ड प्रीमियर 2 अक्टूबर को जर्मनी में होगा
यह कश्मीर के बच्चों की ईमानदारी और जिम्मेदारी की मार्मिक कहानी है
राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। कश्मीर की वादियों में पली-बढ़ी एक मासूम कहानी अब अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी पहचान बनाने जा रही है। राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फिल्ममेकर राजा शबीर खान की कश्मीरी फीचर फिल्म ‘द सलेज’ का चयन जर्मनी के केमनिट्ज में होने वाले 31वें श्लिंगेल इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल फॉर चिल्ड्रन एंड यंग ऑडियंस की इंटरनेशनल प्रतियोगिता के लिए हुआ है।
फिल्म का वर्ल्ड प्रीमियर 2 अक्टूबर को होगा और फेस्टिवल 10 अक्टूबर तक चलेगा।
75 मिनट की यह फिल्म कश्मीर की बर्फ से ढकी खूबसूरत वादियों के बीच तीन बच्चों की कहानी बयां करती है। बच्चों से गलती से उनके पिता की स्लेज टूट जाती है।
सजा के डर से वे उसे ठीक कराने के लिए पैसे जुटाने की कोशिश करते हैं। इसके लिए वे गुलमर्ग आने वाले पर्यटकों को कश्मीरी कहवा बेचने लगते हैं।
लेकिन कहानी में असली मोड़ तब आता है, जब बच्चों को एक पर्यटक का बैग मिलता है। बैग में पैसे और चॉकलेट होती हैं। अब उनके सामने मुश्किल सवाल खड़ा है- क्या इस पैसे से अपनी समस्या हल करें या ईमानदारी दिखाते हुए बैग उसके असली मालिक तक पहुंचाएं?
फिल्म इसी दुविधा के जरिए ईमानदारी, लालच, जिम्मेदारी और सही फैसला लेने जैसे विषयों को बच्चों की सरल लेकिन प्रभावी कहानी में सामने लाती है। फिल्म में हाजिक मोहम्मद खान, ईशेल खान और राइमा खान मुख्य भूमिकाओं में हैं।
फिल्म का निर्माण और निर्देशन राजा शबीर खान ने किया है, जबकि रमायसा खान कार्यकारी निर्माता हैं।
राजा शबीर खान ने फिल्म के चयन को सम्मान बताते हुए उम्मीद जताई कि कश्मीर की जमीन से जुड़ी कहानी और इसके सार्वभौमिक संदेश को अंतरराष्ट्रीय दर्शकों से भी जुड़ाव मिलेगा। फिल्म फेस्टिवल में कश्मीरी भाषा में बनी ये फिल्म अंग्रेजी सबटाइटल्स के साथ प्रदर्शित की जाएगी।
