जम्मू-कश्मीर में लागू होगा 5-डे स्कूल वीक? शनिवार-रविवार की छुट्टी पर विचार कर रहा शिक्षा विभाग
जम्मू-कश्मीर में स्कूली छात्रों के लिए पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करने के प्रस्ताव पर शिक्षा विभाग विचार कर रहा है, जिसमें शनिवार और रविवार को छुट्टी रहेगी।
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जम्मू-कश्मीर के स्कूलों में बदलेगा साप्ताहिक पैटर्न।
HighLights
जम्मू-कश्मीर में पांच दिवसीय स्कूल सप्ताह का प्रस्ताव विचाराधीन
नेशनल कॉन्फ्रेंस विधायक हसनैन मसूदी ने छात्रों के लिए रखा प्रस्ताव
शिक्षा विभाग पढ़ाई और परीक्षा पर असर का आकलन करेगा
राज्य ब्यूरो, जागरण, श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के स्कूली छात्रों के लिए आने वाले दिनों में सप्ताह का पैटर्न बदल सकता है। स्कूलों में शनिवार और रविवार को छुट्टी देकर पांच दिन का स्कूल वीक लागू करने के प्रस्ताव पर शिक्षा विभाग ने विचार शुरू कर दिया है।
हालांकि, अभी इस प्रस्ताव पर अंतिम फैसला नहीं हुआ है और फिलहाल स्कूल पहले की तरह ही संचालित होंगे।
पांच दिवसीय कार्य सप्ताह का यह प्रस्ताव नेशनल कॉन्फ्रेंस के पंपोर से विधायक हसनैन मसूदी ने रखा है। उनका कहना है कि मौजूदा शैक्षणिक व्यवस्था में विद्यार्थियों पर पढ़ाई का दबाव लगातार बढ़ रहा है।
स्कूल के अलावा होमवर्क और अन्य अध्ययन संबंधी गतिविधियों में भी बच्चों को लंबा समय देना पड़ता है, जिससे सप्ताह के अंत तक वे शारीरिक और मानसिक रूप से थक जाते हैं।
मसूदी ने सुझाव दिया कि यदि शनिवार और रविवार दोनों दिन स्कूल बंद रखे जाएं तो बच्चों को पर्याप्त आराम मिल सकेगा। इसके साथ ही उन्हें परिवार के साथ समय बिताने और अगले सप्ताह की पढ़ाई के लिए बेहतर तरीके से तैयार होने का अवसर मिलेगा।
शिक्षा निदेशालय करेगा शिक्षा व्यवस्था पर असर का आकलन
शिक्षा मंत्री सकीना इट्टू ने प्रस्ताव पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस मामले को संबंधित अधिकारियों के पास विस्तृत जांच के लिए भेजा जाएगा। अब स्कूल शिक्षा निदेशालय जम्मू और कश्मीर इस बात का आकलन करेंगे कि पांच दिवसीय स्कूल सप्ताह लागू करने से शिक्षा व्यवस्था पर क्या असर पड़ेगा।
अधिकारियों के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह होगी कि पांच दिन के स्कूल सप्ताह के बावजूद अनिवार्य शिक्षण दिवस, पाठ्यक्रम पूरा करने, कक्षाओं की अवधि और परीक्षा कार्यक्रम प्रभावित न हों।
साथ ही यह भी देखा जाएगा कि प्रस्ताव मौजूदा अकादमिक कैलेंडर और अन्य अनिवार्य शैक्षणिक प्रावधानों के साथ किस तरह फिट बैठता है। दरअसल, यह प्रस्ताव सिर्फ छुट्टियां बढ़ाने का मामला नहीं है, बल्कि स्कूलों में पढ़ाई के समय और विद्यार्थियों के आराम के बीच संतुलन को लेकर भी चर्चा का विषय है।
अभी नहीं लिया अंतिम फैसला
फिलहाल सरकार ने कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया है। विभागीय जांच पूरी होने और औपचारिक आदेश जारी होने तक जम्मू-कश्मीर के स्कूल मौजूदा साप्ताहिक शेड्यूल के अनुसार ही चलते रहेंगे।
यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो यह जम्मू-कश्मीर की स्कूली व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण बदलाव होगा और विद्यार्थियों को हर सप्ताह दो दिन का निश्चित वीकेंड मिलेगा। लेकिन यह बदलाव तभी लागू होगा जब शिक्षा अधिकारियों की समीक्षा के बाद सरकार इसकी औपचारिक मंजूरी देगी।
