दीवाली से पहले कश्मीरी सेब की कीमत में भारी उछाल, 1500 रुपये तक एक पेटी का रेट; जानें किसे मिल रहा ज्यादा मुनाफा
दीवाली के पर्व के बीच दक्षिण कश्मीर की थोक फल मंडियों में सेब की कीमतों में उछाल आया है, जिससे ...और पढ़ें

दीवाली से पहले बढ़ी कश्मीरी सेब की मांग। (फाइल फोटो)
HighLights
दिवाली के कारण कश्मीरी सेबों की कीमतों में उछाल।
अच्छी गुणवत्ता वाले सेबों को मिल रहे ऊंचे दाम।
सेब उत्पादकों को इस सीजन में मिला संतोषजनक मुनाफा।
जागरण संवाददाता, श्रीनगर। दीवाली के पर्व के बीच दक्षिण कश्मीर की थोक फल मंडियों में सेब की कीमतों में काफी उछाल आया है। केंद्र शासित प्रदेश के बाहर के बाजारों से मांग बढ़ने के कारण, अच्छी गुणवत्ता वाले सेबों के दाम काफी ऊंचे मिल रहे हैं जिससे सेब उत्पादकों में उत्साह है।
शोपियां फल मंडी के अध्यक्ष मोहम्मद अशरफ वानी ने बताया कि अच्छी गुणवत्ता वाले सेब अभी 1,300 से 1,500 रुपये प्रति पेटी के भाव से बिक रहे हैं, जबकि मध्यम गुणवत्ता वाले (पांच परत वाले) सेब 1,000 से 1,200 रुपये प्रति पेटी के भाव पर बिक रहे हैं।
वानी ने कहा, 'दीवाली से पहले कीमतों में बढ़ोतरी हुई है, खासकर अच्छी गुणवत्ता वाले सेबों के मामले में। मध्यम गुणवत्ता वाले सेबों के दाम भी अच्छे बने हुए हैं।' हालाँकि, उन्होंने कहा कि पूरे सीज़न के दौरान कीमतें काफी हद तक स्थिर रहीं, जिससे उत्पादकों को उचित मुनाफा मिला।
उन्होंने कहा, 'हालांकि दीवाली के करीब कीमतों में उछाल आया है, लेकिन इस सीज़न में कुल मिलाकर बाज़ार अच्छा रहा। उत्पादकों को अपनी उपज के लिए संतोषजनक दाम मिले हैं।'
सेब बाजार में मांग बढ़ने से उत्पादकों को राहत
शोपियां के अलियालपोरा गांव के सेब उत्पादक रमीज अहमद मल्ला ने बताया कि दिवाली से पहले बढ़ी हुई मांग के कारण कीमतों में सुधार हुआ है, खासकर अच्छी गुणवत्ता वाली उपज के मामले में। मल्ला ने कहा, 'दीवाली से पहले कीमतों में काफी उछाल आया है, लेकिन कुल मिलाकर, पूरे सीजन के दौरान बाजार की स्थिति अच्छी रही।
उन्होंने बताया कि बाजार ने उत्पादकों को काफी हद तक अनुकूल माहौल दिया, हालांकि उन्हें मिलने वाला मुनाफा मुख्य रूप से सेब की गुणवत्ता और ग्रेडिंग पर निर्भर रहा। उन्होंने कहा, 'जिन लोगों ने अच्छी गुणवत्ता वाले सेब उगाए हैं, उन्हें बेहतर दाम मिल रहे हैं। प्रीमियम और मध्यम गुणवत्ता वाले सेब की कीमतों में काफी अंतर है।'
सेब के कारोबार की रीढ़ बना परिवहन नेटवर्क
बता देते हैं कि दक्षिण घाटी में सेब का कारोबार एक प्रमुख आर्थिक गतिविधि है। यहां से हर सीजन में हजारों ट्रक सेब लेकर देश भर की थोक मंडियों तक पहुंचते हैं। घाटी से हर दिन फलों से लदे लगभग 2,000 ट्रक घाटी के बाहर अलग-अलग बाजारों के लिए रवाना होते हैं।
यह आवाजाही इस मौसमी कारोबार के बड़े पैमाने को दर्शाती है और बताती है कि स्थानीय उत्पादकों को देश भर के खरीदारों से जोड़ने में परिवहन नेटवर्क कितना महत्वपूर्ण है।
शोपियां के सेब कारोबार से हजारों परिवारों को मिलता रोजगार
घाटी के प्रमुख सेब उत्पादक जिलों में से एक शोपियां घाटी के सेब कारोबार में एक बड़ा हिस्सा रखता है। यह उद्योग हजारों बागवानों, व्यापारियों, कमीशन एजेंटों, ट्रांसपोर्टरों और उन श्रमिकों को आजीविका देता है जो सेब तोड़ने, ग्रेडिंग करने, पैकेजिंग और परिवहन के काम में लगे हैं।
उत्पादकों का कहना है कि कीमतों में मौसमी उतार-चढ़ाव तो आम बात है, लेकिन उन्हें मिलने वाला मुनाफा मुख्य रूप से खरीदारों की उपलब्धता और अच्छी गुणवत्ता वाले सेब की मांग पर निर्भर करता है।
स्थानीय दुकानदारों के कारोबार में भी आई तेजी
दीवाली से पहले कीमतों में सुधार से उत्पादकों को अतिरिक्त लाभ हुआ है। उनका मानना है कि कुल मिलाकर यह सीजन सेब उद्योग के लिए काफी उत्साहजनक रहा है। बाजार के इस सकारात्मक माहौल का असर अन्य व्यवसायों पर भी पड़ा है, जिससे स्थानीय बाजारों में ग्राहकों की संख्या बढ़ी है।
उनके अनुसार सेब के अच्छे दाम मिलने से पूरे बाजार का माहौल बेहतर हुआ है, और खरीदार अन्य सामान खरीदने के लिए भी बाजारों में उमड़ रहे हैं।
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