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कश्मीर में बदलने वाला है मौसम का मिजाज, बारिश के साथ बर्फबारी और तेज हवाओं का अलर्ट

Published: Mon, 12 Oct 2026 07:22 AM (IST)

कश्मीर में 13 से 15 अक्टूबर के बीच बारिश, बर्फबारी और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है, जिससे ...और पढ़ें

जम्मू-कश्मीर में 13-15 अक्टूबर तक बिगड़ेगा मौसम।

जम्मू-कश्मीर में 13-15 अक्टूबर तक बिगड़ेगा मौसम।

HighLights

  1. 13-15 अक्टूबर तक बारिश और बर्फबारी की संभावना

  2. किसानों को सेब और धान बचाने की सलाह

  3. 17 अक्टूबर से मौसम में सुधार की उम्मीद

राज्य ब्यूरो,श्रीनगर। कश्मीर में मौसम का मिजाज बदलने वाला है। जी हां,कश्मीर घाटी में अगले कुछ दिनों तक मौसम करवट लेने वाला है, जिससे ठिठुरन वाली ठंड बढ़ जाएगी।

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि अगले आने वाले दिनों में मौसम तेजी से बदलेगा जो वहां के लोगों की परेशानी को कुछ बढ़ा सकता है। 

बर्फबारी की है संभावना

मौसम विज्ञान केंद्र श्रीनगर के अनुसार कल यानी 13 अक्टूबर तक मौसम आमतौर पर शुष्क रहेगा, लेकिन 13 से 15 अक्टूबर के बीच कई इलाकों में हल्की बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हल्की बर्फबारी होने की संभावना है।

इस दौरान गरज-चमक और तेज झोंकेदार हवाएं भी चल सकती हैं। ऐसे में आम लोगों के साथ किसानों को भी सतर्क रहने की जरूरत है।

मौसम विभाग ने किया सावधान

मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, 13 से 15 अक्टूबर तक कश्मीर में आसमान आमतौर पर बादलों से घिरा रह सकता है। इस दौरान कई स्थानों पर हल्की बारिश होने की संभावना है, जबकि ऊंचाई वाले इलाकों में हल्की बर्फबारी देखने को मिल सकती है।

विभाग ने विशेष रूप से 13 और 14 अक्टूबर को गरज-चमक के साथ तेज हवाएं चलने की आशंका जताई है। ऐसे में लोगों को मौसम की स्थिति पर नजर रखने और खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।

पूर्वानुमान के अनुसार, 16 अक्टूबर को भी मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने की संभावना है। हालांकि, कुछ स्थानों पर थोड़े समय के लिए हल्की बारिश हो सकती है। इसके बाद मौसम में सुधार के संकेत हैं।

17 से 23 अक्टूबर तक राहत की उम्मीद

मौसम विज्ञान केंद्र ने 17 से 23 अक्टूबर तक जम्मू-कश्मीर में मौसम के ज्यादातर शुष्क रहने का अनुमान जताया है। इससे बीच में आने वाले बारिश के दौर के बाद लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।

मौसम विभाग ने किसानों को कटाई का काम जारी रखने और कटी हुई सेब की फसल तथा धान को सुरक्षित स्थानों पर रखने की सलाह दी है, ताकि बारिश और तेज हवाओं से संभावित नुकसान को रोका जा सके।

विभाग ने लोगों को भी गरज-चमक और तेज हवाओं के दौरान सतर्क रहने को कहा है। ऐसे में अगले कुछ दिन किसानों के लिए खास अहम होंगे, जबकि आम लोगों को भी मौसम के पूर्वानुमान के अनुसार ही अपनी गतिविधियों की योजना बनानी चाहिए।

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