चिनाब और अंजी खड्ड ब्रिज से बदली कश्मीर की तस्वीर, अब सीधे दिल्ली-मुंबई पहुंचेंगे सेब और सूखे मेवे
चिनाब और अंजी खड्ड पुलों ने कश्मीर को राष्ट्रीय रेलवे नेटवर्क से स्थायी रूप से जोड़ दिया है। इससे घाटी ...और पढ़ें
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272 किमी के USBRL प्रोजेक्ट से आसान हुआ व्यापार।
HighLights
चिनाब और अंजी खड्ड पुलों ने कश्मीर को राष्ट्रीय रेल नेटवर्क से जोड़ा
घाटी के सेब, सूखे मेवे अब देशभर के बाजारों में तेजी से
वंदे भारत से यात्रियों का सफर आरामदायक, समय की भी बचत
डिजिटल डेस्क, जम्मू। उधमपुर-श्रीनगर-बारामूला रेल लिंक (USBRL) पर बने इंजीनियरिंग के दो नायाब नमूनों चिनाब रेल ब्रिज और देश के पहले केबल-स्टेड अंजी खड्ड ब्रिज ने कश्मीर को भारत के राष्ट्रीय रेलवे नेटवर्क से स्थायी रूप से जोड़ दिया है।
272 किलोमीटर लंबे इस प्रोजेक्ट से अब घाटी के सेब, चेरी, सूखे मेवे और हस्तशिल्प बेहद कम समय में देशभर के प्रमुख बाजारों तक पहुँच रहे हैं। वहीं, रोजमर्रा की जरूरत के सामान और औद्योगिक आपूर्ति भी बिना किसी मौसमी रुकावट के आसानी से श्रीनगर पहुंच रही है।
पीर पंजाल की चुनौतियों को पछाड़कर रचा इतिहास
वेस्टर्न रेलवे के चीफ पब्लिक रिलेशन ऑफिसर विनीत अभिषेक के अनुसार, भौगोलिक कठिनाइयों और पीर पंजाल पर्वत श्रृंखला की ऊंची पहाड़ियों, गहरी घाटियों व नदियों के कारण बनिहाल से कटरा के बीच 111 किलोमीटर का हिस्सा लंबे समय से अधूरा था।
भारतीय रेलवे ने इस कठिन भौगोलिक चुनौती को स्वीकार किया और विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर बनाकर इसे सफलतापूर्वक पूरा किया।
स्थानीय व्यापार और अर्थव्यवस्था के लिए 'गेम-चेंजर'
इस सीधी रेल कनेक्टिविटी से जम्मू-कश्मीर के व्यापार क्षेत्र में बड़ा सकारात्मक बदलाव आया है। घाटी के बागवानी उत्पाद जैसे सेब और चेरी अब रिकॉर्ड समय में दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े महानगरों में पहुंच रहे हैं।
दूसरी ओर सीमेंट, अनाज, खाद, दूध और ऑटोमोबाइल जैसी जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति भी सस्ती और तेज हो गई है।
वंदे भारत से यात्रियों का सफर आसान, मिली खूब सराहना
नए रेल रूट पर दौड़ रही वंदे भारत एक्सप्रेस में सफर करने वाले यात्रियों ने निर्माण की गुणवत्ता और रिकॉर्ड समय में काम पूरा होने की सराहना की है। सिविल इंजीनियरों और यात्रियों का कहना है कि पहले सड़क मार्ग से श्रीनगर पहुँचने में काफी समय लगता था, लेकिन अब यह सफर न केवल आरामदायक और सुरक्षित हो गया है, बल्कि समय की भी भारी बचत हो रही है।
