जम्मू-कश्मीर: अजीब तरीके से वाइब्रेट हुआ मोबाइल फोन, फिर अचानक बंद... बैंक खाते से उड़ गए 2.85 लाख रुपये
श्रीनगर में काम करने वाले बारामूला निवासी के बैंक खाते से ₹2.85 लाख की धोखाधड़ी से निकासी हुई। मोबाइल फोन ...और पढ़ें

बारामुला के व्यक्ति के साथ साइबर धोखाधड़ी। (फाइल फोटो)
HighLights
बारामूला निवासी के बैंक खाते से ₹2.85 लाख की धोखाधड़ी हुई।
मोबाइल फोन असामान्य वाइब्रेट होकर बंद हुआ, फिर पैसे गायब।
बच्चों द्वारा फ्री फायर गेम में संदिग्ध लिंक क्लिक करने की आशंका।
राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। श्रीनगर में काम करने वाले बारामुला निवासी के बैंक खाते से कथित तौर पर 2,84,930 रुपये की धोखाधड़ी से निकासी का मामला सामने आया है। हैरानी की बात यह है कि घटना से पहले उनका मोबाइल फोन अचानक असामान्य तरीके से वाइब्रेट करने लगा और फिर बंद हो गया। बाद में जब उन्होंने मोबाइल पर मैसेज चैक किया तो पाया कि उनके बैंक खाते से करीब 2.85 लाख रुपये गायब हो चुके थे। यह रकम उनकी वर्षों की मेहनत की कमाई थी।
बारामुला निवासी रियाज अहमद वानी ने बताया कि उनका मोटोरोला मोबाइल फोन अचानक असामान्य तरीके से वाइब्रेट करने लगा। कुछ देर बाद फोन पूरी तरह बंद हो गया। इसके बाद उन्हें बैंकिंग सेवाओं तक पहुंचने में भी परेशानी हुई।
जब उन्हें खाते से अनधिकृत लेनदेन होने का पता चला तो उनके होश उड़ गए। उनके जम्मू-कश्मीर बैंक खाते से कुल 2,84,930 रुपये निकाले जा चुके थे। यह खाता टंगमर्ग के हरदा अबूरा स्थित बैंक शाखा में है।
ठगी के बाद बैंक ने हाथ खड़े किए
वानी ने बताया कि धोखाधड़ी का पता चलने के बाद वह बैंक पहुंचे और मामले की जानकारी दी। हालांकि, वहां उन्हें बताया गया कि उनका खाता फ्रीज कर दिया गया है और फिलहाल उसे दोबारा चालू नहीं किया जा सकता।
इसके बाद उन्होंने साइबर पुलिस सेल का दरवाजा खटखटाया है। उन्हें उम्मीद है कि पुलिस की मदद से उनकी मेहनत की कमाई वापस मिल सकेगी।
फ्री फायर गेम पर संदेह, लेकिन ठगी का तरीका साफ नहीं
वानी को आशंका है कि मोबाइल पर फ्री फायर गेम खेलने के दौरान उनके बच्चों ने अनजाने में किसी संदिग्ध लिंक पर क्लिक कर दिया होगा। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि उन्हें इस बात की पुख्ता जानकारी नहीं है कि ठगी के पीछे गेम या कोई अन्य ऑनलाइन गतिविधि जिम्मेदार है।
फिलहाल यह भी स्पष्ट नहीं हो पाया है कि जालसाजों ने किस तरीके से बैंक खाते से इतनी बड़ी रकम निकाली। वानी ने कहा कि साइबर पुलिस की जांच के बाद ही मामले की असल वजह पता चल पाएगी।