'भारत-अमेरिका व्यापार समझौता जम्मू-कश्मीर की अर्थव्यवस्था के लिए खतरा', PDP बोली- सेब और अखरोट का क्या होगा?
पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) ने दावा किया है कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौता जम्मू-कश्मीर की अर्थव्यवस्था के लिए विनाशकारी हो सकता ...और पढ़ें

भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर PDP की प्रतिक्रिया। सांकेतिक फोटो
HighLights
भारत-अमेरिका व्यापार समझौता J&K अर्थव्यवस्था के लिए विनाशकारी।
अमेरिकी कृषि उत्पादों पर शून्य शुल्क से सेब, अखरोट प्रभावित।
PDP ने बजट, बेरोजगारी और ई-बस परियोजना पर सवाल उठाए।
राज्य ब्यूरो, जम्मू। पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) ने रविवार को दावा किया कि अगर अमेरिका से आयात होने वाले कृषि और बागवानी उत्पादों पर कोई शुल्क (टैरिफ) नहीं लगाया गया तो भारत–अमेरिका व्यापार समझौता जम्मू-कश्मीर की अर्थव्यवस्था के लिए विनाशकारी साबित हो सकता है।
श्रीनगर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए पीडीपी के प्रवक्ता मोहम्मद इक़बाल त्रंबू ने कहा कि भारत–अमेरिका व्यापार समझौते का जम्मू-कश्मीर के बागवानी क्षेत्र पर क्या असर पड़ेगा, इस पर किसी ने विचार ही नहीं किया। अमेरिका से आयात होने वाले कृषि उत्पादों पर शून्य शुल्क होगा। ऐसे में जम्मू-कश्मीर में पैदा होने वाले सेब और अखरोट का क्या होगा?
जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला द्वारा प्रस्तुत बजट पर टिप्पणी करते हुए पीडीपी नेता ने इसे साधारण बताया और कहा कि यह जनता की समस्याओं का समाधान करने में विफल रहा है। उन्होंने कहा कि इस बजट में बेरोजगारी जैसे गंभीर मुद्दे से निपटने के लिए कुछ भी नहीं है, जबकि बेरोजगारी जम्मू-कश्मीर की एक बड़ी समस्या है।
उदाहरण देते हुए त्रंबू ने कहा कि स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत इलेक्ट्रिक बसों के संचालन पर जम्मू-कश्मीर सरकार को हर साल करीब 72 करोड़ रुपये का नुकसान उठाना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार ई-बस सेवा के संचालन के लिए टाटा मोटर्स को करोड़ों रुपये का भुगतान कर रही है।
उन्होंने कहा कि मुफ्त बस सेवा ने जम्मू-कश्मीर के निजी परिवहन क्षेत्र को बुरी तरह प्रभावित किया है। स्थानीय ट्रांसपोर्टरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, लेकिन सरकार ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया है।
