यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 18, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Article 370 की बहाली लेकर उमर अब्दुल्ला ने दिया बयान, कहा- केंद्र सरकार के फैसले के खिलाफ प्रस्ताव पारित करेंगे
जम्मू कश्मीर में 10 साल बाद विधानसभा चुनाव कराए जाने का एलान हुआ है। जम्मू- कश्मीर के 90 विधानसभा सीटों ...और पढ़ें

HighLights
- विधानसभा चुनाव से पहले उमर अब्दुल्ला ने आर्टिकल 370 को लेकर दिया बयान।
- कहा- केंद्र सरकार के निर्णय के खिलाफ एक प्रस्ताव ही पारित किया जाएगा।
- 'सर्वोच्च न्यायालय के दबाब में चुनाव करा रही है केंद्र सरकार'
राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। नेशनल कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने शनिवार को कहा कि चुनाव के बाद जब भी जम्मू कश्मीर विधानसभा का गठन होगा तो उसमें सबसे पहले जम्मू कश्मीर के विशेष संवैधानिक दर्जे को हटाने और जम्मू कश्मीर को केंद्र शासित प्रदेश बनाने के केंद्र सरकार के निर्णय के खिलाफ एक प्रस्ताव ही पारित किया जाएगा।
उमर अब्दुल्ला ने दिया था ये बयान
आज एक टीवी चैनल के साथ बातचीत में उमर अब्दुल्ला ने कहा कि चुनाव के बाद हम जम्मू कश्मीर के लिए राज्य के दर्जे की बहाली और पांच अगस्त 2019 को जो हमसे छीना गया है, उसे वापस पाने का संघर्ष होगा।
उन्होंने कहा कि सिर्फ हिंदुस्तान में ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया को पता चलना चाहिए पांच अगस्त 2019 को जो कुछ जम्मू कश्मीर के साथ किया गया है, उससे जम्मू कश्मीर की जनता असहमत है।
उमर अब्दुल्ला ने कहा कि निर्वाचित विधानसभा को सबसे पहले यही काम करना चाहिए और यह पांच अगस्त 2019 को केंद्र सरकार द्वारा लिए गए फैसले के खिलाफ प्रस्ताव पारित कर किया जाएगा।
केंद्र ने राज्य का दर्जा नहीं दिया तो सुप्रीम कोर्ट जाएगी नेकां
उमर अब्दुल्ला ने कहा कि अगर केंद्र सरकार ने जल्द ही जम्मू कश्मीर को राज्य का दर्जा नहीं दिया तो नेशनल कॉन्फ्रेंस सर्वोच्च न्यायालय में जाएगी। यहां कुछ भी आसानी से नहीं मिलता। जम्मू कश्मीर में यह जो विधानसभा चुनाव होने जा रहे हैं, केंद्र सरकार स्वेच्छा से नही बल्कि मजबूरी में सर्वोच्च न्यायालय के दबाब में करा रही है।
यह भी पढ़ें- Jammu and Kashmir: पूर्व मंत्री चौधरी जुल्फिकार भाजपा में होंगे शामिल! अमित शाह से मुलाकत के बाद अटकलें हुई तेज
मनोज सिन्हा पर साधा निशाना
उन्होने उपराज्यपाल मनोज सिन्हा पर भी निशाना साधा और कहा कि निर्वाचित सरकार यहा सबसे पहले उपराज्यपाल के तानाशाहीपूर्ण शासन को समाप्त करेगी।
यह भी पढ़ें- जम्मू-कश्मीर में चुनाव से पहले गुलाम नबी आजाद को बड़ा झटका, वफादार साथी ताज मोहिउद्दीन ने DPAP से दिया इस्तीफा
