अब आर्थिक तंगी नहीं बनेगी डॉक्टर-इंजीनियर बनने की राह में बाधा, सेना ने शुरू किया कश्मीर सुपर-30
भारतीय सेना ने गांदरबल के मानसबल में 'चिनार सेंटर ऑफ एजुकेशनल एक्सीलेंस-कश्मीर सुपर-30' शुरू किया है। यह पहल जम्मू-कश्मीर के ...और पढ़ें
-1793526951963_m.webp)
अब आर्थिक तंगी नहीं बनेगी डॉक्टर-इंजीनियर बनने की राह में बाधा।
HighLights
सेना ने मानसबल में कश्मीर सुपर-30 केंद्र शुरू किया।
30 छात्रों को नीट-जेईई की मुफ्त आवासीय कोचिंग मिलेगी।
आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों को डॉक्टर-इंजीनियर बनने में मदद।
राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर के दूरदराज और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए डॉक्टर और इंजीनियर बनने की राह आसान करने की दिशा में भारतीय सेना ने बड़ी पहल की है। सेना ने रविवार को गांदरबल जिले के मानसबल में चिनार सेंटर ऑफ एजुकेशनल एक्सीलेंस-कश्मीर सुपर-30 की शुरुआत की है।
इसके तहत जम्मू-कश्मीर के 30 चयनित विद्यार्थियों को राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं नीट और जेईई की मुफ्त आवासीय कोचिंग दी जाएगी। खास बात यह है कि विद्यार्थियों की पढ़ाई से लेकर रहने, खाने और अध्ययन सामग्री तक की व्यवस्था निशुल्क होगी।
इस केंद्र का उद्घाटन गांदरबल की डीसी श्रेया सिंघल और चयनित विद्यार्थियों में से एक के अभिभावक ने संयुक्त रूप से किया। उद्घाटन समारोह में सेना के वरिष्ठ अधिकारियों, एनआइइडीओ के प्रतिनिधियों, विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों ने भाग लिया।
पहले बैच के लिए चयन प्रक्रिया घाटी के विभिन्न स्कूलों तक पहुंच बनाने के बाद शुरू हुई। विद्यार्थियों की लिखित परीक्षा कई केंद्रों पर आयोजित की गई। इसके बाद एप्टीट्यूड टेस्ट, मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन और व्यक्तिगत साक्षात्कार के आधार पर चयन किया गया। इसमें ग्रामीण, दूरदराज, पहाड़ी और सीमावर्ती क्षेत्रों के विद्यार्थियों को विशेष अवसर देने पर जोर रखा गया।
कोचिंग के साथ रहने-खाने की भी मुफ्त व्यवस्था
कश्मीर सुपर-30 में विद्यार्थियों को नीट, जेईई और संबंधित प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी अनुभवी पूर्णकालिक शिक्षकों से कराई जाएगी। नियमित टेस्ट, मॉक परीक्षा और व्यवस्थित अध्ययन सामग्री के अलावा विद्यार्थियों को छात्रावास, पौष्टिक भोजन, पुस्तकालय और कंप्यूटर लैब की सुविधा मिलेगी। व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व क्षमता, संवाद कौशल और मानसिक स्वास्थ्य के लिए परामर्श भी कार्यक्रम का हिस्सा होगा।
नए परिसर में आधुनिक कक्षाओं, छात्रावास, भोजनालय और अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था की गई है। सेना परिसर की सुरक्षा, निगरानी और अनुशासित शैक्षणिक वातावरण सुनिश्चित करेगी।
तीन संस्थाओं की साझा पहल
इस योजना को रक्षा मंत्रालय के सार्वजनिक उपक्रम आर्मर्ड व्हीकल्स निगम लिमिटेड की सीएसआर पहल के तहत वित्तीय सहायता मिल रही है। भारतीय सेना सुविधाएं, आधारभूत ढांचा और सुरक्षा उपलब्ध करा रही है, जबकि एनआइइडीओ शैक्षणिक प्रशिक्षण और केंद्र के दैनिक संचालन की जिम्मेदारी संभालेगा।
गांदरबल की उपायुक्त ने पहल की सराहना करते हुए कहा कि आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को ऐसे अवसर उपलब्ध कराना महत्वपूर्ण है। नियमित कक्षाएं एक नवंबर 2026 से शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए शुरू होंगी।
बता दें कि भारतीय सेना इससे पहले भी कश्मीर सुपर-30 इंजीनियरिंग, मेडिकल और सुपर-50 जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में सहयोग देती रही है। वर्ष 2017 में कश्मीर सुपर-30 के 28 विद्यार्थियों ने आईआईटी-जेईई मेन्स परीक्षा उत्तीर्ण की थी, जिनमें से नौ ने आईआईटी में जगह बनाई थी। ऐसे में मानसबल का नया केंद्र इस शैक्षणिक पहल को आगे बढ़ाने की एक और कोशिश है।
देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।