राज्य ब्यूरो, श्रीनगर : कश्मीर में अपने नापाक मंसूबे नाकाम होने से हताश नए आतंकी संगठन द रजिस्टेंस फ्रंट जम्मू कश्मीर (टीआरएफ, जेके) ने घाटी में बसने वाले गैर कश्मीरियों को मारने की गीदड़भवकी दी है। वहीं, सुरक्षाबलों ने इसे वादी में गिने-चुने बचे आतंकियों की घबराहट करार देते हुए कहा कि देश के किसी भी नागरिक को घबराने की जरूरत नहीं है।

लश्कर और जैश-ए-मोहम्मद को लेकर बढ़ते अंतरराष्ट्रीय दबाव से बचने के लिए पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आइएसआइ ने लश्कर, जैश और अल-बदर जैसे संगठनों के आतंकियों को मिलाकर टीआरएफ का गठन किया है। उसने इसका गठन बीते साल 14 फरवरी 2019 को पुलवामा हमले के लगभग तीन माह बाद किया था।

टीआरएफ ने गत रविवार को सोशल मीडिया पर अपने एक चैनल पर बयान जारी कर कश्मीर में बसने की ख्वाहिश रखने वाले गैर कश्मीरियों को धमकी दी। टीआरएफ कमांडर अबु हमजा ने एक बयान में कहा कि इस्लाम की मर्यादा के अनुरूप हम किसी नागरिक को निशाना नहीं बनाते। मगर, हम आरएसएस और भाजपा को यहां कामयाब नहीं होने देंगे। हम अच्छी तरह जानते हैं कि कश्मीर के मुस्लिम बहुल जनसांख्यिकी चरित्र को बदलने के लिए आरएसएफ से जुड़े लोगों को आम नागरिक बताकर बसाया जा रहा है। इसलिए जो भी भारतीय नागरिक कश्मीर में बसने के इरादे से आएगा, हम उसे नागरिक नहीं बल्कि आरएसएस का एजेंट मानकर उसके खिलाफ कार्रवाई करेंगे। जम्मू कश्मीर पुनर्गठन और डोमिसाइल से नाकाम हो चुकी आतंकी साजिशें :

जम्मू कश्मीर पुनर्गठन अधिनियम के लागू होने के बाद कश्मीर में आतंकी और अलगाववादी एजेंडा लगभग नाकाम हो चुका है। इससे हताश आतंकी संगठन अब कश्मीर में बसने वाले गैर मुस्लिमों को निशाना बनाने की धमकी दे रहे हैं। केंद्र शासित जम्मू कश्मीर में बीते 15 सालों से रहने वाला कोई भी नागरिक डोमिसाइल प्रमाणपत्र के आधार पर प्रदेश के किसी भी हिस्से में अपने नाम पर जमीन या मकान खरीद सकता है। इसे आतंकी व जिहादी अपने मंसूबों की राह में सबसे बड़ी रुकावट मानते हैं और वह चाहते है कि किसी भी तरह से अन्य लोग कश्मीर में न बसें। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान भी सोशल मीडिया पर अक्सर कश्मीर मुद्दा उछालने का प्रयास करते हुए आरोप लगाते हैं कि भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ कश्मीरी मुस्लिमों को दबा रहे हैं। कश्मीर में आतंकवाद अब अंतिम चरण में :

जम्मू कश्मीर पुलिस प्रवक्ता ने टीआरएफ की धमकी पर कहा कि राष्ट्रविरोधी तत्व और जिहादी संगठन अक्सर कश्मीर में इस तरह के फरमान जारी करते रहते हैं। कश्मीर में आतंकवाद अब अपने अंतिम चरण में है। किसी को घबराने की जरूरत नहीं है। आतंकियों को उनके मंसूबों में कामयाब नहीं होने दिया जाएगा। प्रत्येक नागरिक के जान माल की सुरक्षा को सुनिश्चित बनाया गया है। उन्होंने कहा कि टीआरएफ के इस बयान का भी संज्ञान लिया गया है और इसकी भी जांच की जा रही है।

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