राज्य ब्यूरो, श्रीनगर : मा‌र्क्सवादी कम्यूनिस्ट पार्टी के नेता और विधायक मोहम्मद यूसुफ तारीगामी ने वीरवार को जम्मू कश्मीर के लिए अलग संविधान और धारा 370 को एक संवैधानिक त्रुटि बताने के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल की ¨नदा की। उन्होंने कहा कि वह तथ्यों और इतिहास को गलत तरीके से पेश करने का प्रयास कर रहे हैं।

तारीगामी ने कहा कि जम्मू कश्मीर ने भारत में विलय भारतीय संविधान के तहत विशेष अधिकारों की गारंटी के तहत ही किया है। संविधान में धारा 370 जम्मू कश्मीर के भारतीय गणराज्य के साथ संवैधानिक संबंधों की नींव है।

उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर पर सीधे लागू होने वाली धारा 370 भारतीय संविधान का एकमात्र प्रावधान है। यह कोई अस्थायी प्रावधान नहीं है। भारत-पाक विभाजन के समय अन्य राज्यों के विपरीत राज्य का भारत में विलय विशिष्ट परिस्थितियों में सशर्त हुआ है। जम्मू कश्मीर एकमात्र ऐसा राज्य था, जिसने अपनी संविधान सभा द्वारा राज्य के लिए एक अलग संविधान बनाए जाने की इच्छा का एलान पांच मार्च 1948 को किया था।

माकपा नेता ने कहा कि राज्य की मौजूदा स्थिति के लिए कई वर्षो के दौरान राज्य की स्वायत्तता को धीरे-धीरे समाप्त किया जाना ही है। इसलिए डोभाल को चाहिए कि वह इतिहास और तथ्यों को सही तरीके से समझे उनकी गलत व्याख्या से बचें। जम्मू कश्मीर समस्या को हल करने के लिए जरूरी है कि राज्य की स्वायत्तता को बहाल करते हुए उन वादों को पूरा किया जाए जो भारत-पाक विभाजन के दौरान, राज्य के भारत विलय के समय नई दिल्ली ने किए थे।

Posted By: Jagran