'सवाल कुछ, सलाह कुछ और...', जम्मू-कश्मीर विधानसभा में देवयानी राणा को CM उमर ने पढ़ाया प्रश्नकाल का पाठ
प्रश्नकाल के दौरान अनुपूरक प्रश्न के बजाय बिजली बिल वितरण पर सलाह देने पर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने भाजपा विधायक देवयानी राणा को विधानसभा की कार्यवाही समझने की नसीहत दी।
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विधानसभा में उमर अब्दुल्ला ने देवयानी राणा को सिखाया प्रश्नकाल का पाठ।
HighLights
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने देवयानी राणा को विधानसभा प्रक्रिया समझने की नसीहत दी
देवयानी राणा ने अनुपूरक प्रश्न के बजाय बिजली बिल वितरण पर सलाह दी
लगातार दूसरे दिन उमर अब्दुल्ला और राणा के बीच सदन में तकरार दिखी
राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर विधानसभा में मंगलवार को प्रश्नकाल के दौरान मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और भाजपा की पहली बार विधायक बनीं देवयानी राणा को सदन के कामकाज को समझने की नसीहत करते हुए कहा कि उनके वरिष्ठ साथियों को उन्हें समझाना चाहिए कि कब कौन सा मुद्दा उठाया जाता है।
उन्होंने यह नसीहत देवयानी राणा द्वारा अनुपूरक प्रश्न पूछने के बजाय जम्मू कश्मीर की सरकार को उत्तर प्रदेश में महिलाओं के माध्यम से बिजली बिल वितरित किए जाने की प्रक्रिया को अपनाने की सलाह दिए जाने पर दी।
नगरोटा की विधायक देवयानी राणा ने जम्मू-कश्मीर में भूमि रिकॉर्ड के डिजिटलीकरण को लेकर मूल प्रश्न पूछा था। मुख्यमंत्री ने निर्धारित प्रक्रिया के तहत उसका जवाब दिया। इसके बाद विधानसभा अध्यक्ष अब्दुल रहीम राथर ने राणा को अनुपूरक प्रश्न पूछने की अनुमति दी।
हालांकि, अनुपूरक प्रश्न के बजाय राणा उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा महिलाओं की सेवाओं का इस्तेमाल बिजली बिल बांटने में किए जाने का उदाहरण देने लगीं और जम्मू-कश्मीर सरकार को इसी तरह की व्यवस्था अपनाने की सलाह देने लगीं। उन्होंने कहा कि इससे न सिर्फ महिलाओं को रोजगार मिलेगा, बल्कि सरकार का बिजली घाटा भी दूर होगा।
राणा की बात जारी रहने पर मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि वह सदन में नई हैं और उन्हें विधानसभा की कार्यवाही की प्रक्रिया सीखने की जरूरत है। उमर ने कहा, 'माननीय सदस्य यहां नई हैं। शायद उनके वरिष्ठों को उन्हें सदन की प्रक्रिया के बारे में सिखाना चाहिए। लेकिन देवयानी राणा चुप नहीं हुई और उन्होंने अपनी बात जारी रखी।
नेशनल कॉन्फ्रेंस के विधायक जावेद हसन बेग ने भी देवयानी राणा के इस व्यवहार पर एतराज जताया। स्पीकर ने भी राणा को स्पष्ट किया कि प्रश्नकाल में उनका अनुपूरक प्रश्न उसी मूल सवाल से संबंधित होना चाहिए, जिसे उन्होंने सदन के समक्ष रखा था। राणा के अपनी बात पर कायम रहने के बाद अध्यक्ष ने हस्तक्षेप करते हुए अगले प्रश्न के लिए कार्यवाही आगे बढ़ा दी।
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एक दिन पहले भी राणा पर बरसे थे उमर
देवयानी राणा और उमर अब्दुल्ला के बीच यह टकराव विधानसभा में पहली बार नहीं हुआ। सोमवार को राज्य का दर्जा बहाल करने संबंधी प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देते हुए उमर ने राणा द्वारा सत्ता पक्ष के कुछ सदस्यों के खिलाफ 'जम्मू के जयचंद' का नारा लगाए जाने पर आपत्ति जताई थी।
उमर ने कहा था कि यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि राणा ने 'जम्मू के जयचंद' का नारा लगाया। उन्होंने याद दिलाया कि यह नारा सबसे अधिक उनके पिता और भाजपा नेता दिवंगत देवेंद्र राणा के खिलाफ इस्तेमाल किया गया था, जो कभी उमर के करीबी सहयोगी रहे थे।
लगातार दो दिनों में सामने आए इन घटनाक्रमों ने विधानसभा के भीतर उमर अब्दुल्ला और भाजपा विधायक देवयानी राणा के बीच बढ़ती राजनीतिक तकरार को उजागर कर दिया है। प्रश्नकाल में प्रक्रिया को लेकर मुख्यमंत्री की आपत्ति से लेकर 'जम्मू के जयचंद' वाले बयान तक, सदन में दोनों पक्षों के बीच सियासी तल्खी साफ दिखाई दी।
