जम्मू-कश्मीर विधानसभा में बड़े बदलावों पर लगी मुहर, उमर सरकार ने पास कराए 5 अहम बिल
जम्मू-कश्मीर विधानसभा ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व में पांच महत्वपूर्ण विधेयक पारित किए हैं। इन विधेयकों से नगर निकायों, ...और पढ़ें

जम्मू-कश्मीर विधानसभा में उमर सरकार ने 5 अहम विधेयक पारित कर बड़े बदलावों को दी मंजूरी।
HighLights
नगर निकायों के कामकाज में संशोधन का रास्ता खुला
व्यापार सुगमता और निवेश को बढ़ावा देने का लक्ष्य
जीएसटी, पेंशन और अपराधों के विमुद्रीकरण पर असर
राज्य ब्यूरो, श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर विधानसभा के जारी सत्र में मंगलवार को सरकार ने कई अहम विधायी बदलावों को आगे बढ़ाते हुए पांच महत्वपूर्ण विधेयक पारित कर दिए।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला की ओर से पेश किए गए इन विधेयकों का असर नगर निकायों के कामकाज, कारोबार करने की प्रक्रिया, कर व्यवस्था, पूर्व विधायकों की पेंशन और कुछ अपराधों से जुड़े कानूनी प्रावधानों पर पड़ेगा।
मुख्यमंत्री ने इन विधेयकों को अलग-अलग विभागों के प्रभारी मंत्री के तौर पर विधानसभा में पेश किया था। विधेयक 24 और 28 सितंबर 2026 को सदस्यों के बीच वितरित किए गए थे, जिसके बाद इन्हें सदन में चर्चा और पारित करने के लिए लाया गया।
इनमें पहला महत्वपूर्ण विधेयक जम्मू-कश्मीर नगरपालिका (संशोधन) विधेयक, 2026 है। यह विधेयक नगर निकायों से जुड़े मौजूदा कानून में संशोधन का रास्ता खोलता है। मुख्यमंत्री ने इसे आवास एवं शहरी विकास विभाग के प्रभारी मंत्री के तौर पर पेश किया।
इसके साथ ही जम्मू और कश्मीर व्यापार करने में आसानी विधेयक, 2026 भी पारित हुआ। इसका उद्देश्य अनुमति आधारित नियंत्रण की जगह नियम आधारित व्यवस्था को बढ़ावा देना है। सरकार के मुताबिक इससे नागरिकों और कारोबारियों को कामकाज, निवेश और योजनाओं को लेकर अधिक स्पष्टता मिल सकेगी। विधेयक का लक्ष्य रोजगार के अवसर बढ़ाने, निवेश आकर्षित करने और लंबे समय तक आर्थिक विकास को गति देने से जुड़ा है।
वहीं, वित्त विभाग के प्रभारी मंत्री के तौर पर उमर अब्दुल्ला ने जम्मू और कश्मीर माल और सेवा कर (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश किया। यह विधेयक जम्मू-कश्मीर जीएसटी एक्ट, 2017 में आवश्यक संशोधन से संबंधित है। इसका वास्तविक वित्तीय असर कारोबारियों और करदाताओं पर इस बात के अनुसार निर्भर करेगा।
विधानसभा ने राज्य विधानमंडल सदस्यों की पेंशन (संशोधन) विधेयक, 2026 को भी मंजूरी दी। इसके जरिए 1984 के संबंधित पेंशन कानून में संशोधन किया जाना है। सबसे अहम विधेयकों में अपराधों का विमुद्रीकरण और युक्तिकरण विधेयक, 2026 है। इसका सबसे व्यापक असर कानूनी और वित्तीय अनुपालन व्यवस्था पर होगा। सरकार कुछ प्रावधानों में अपराधीकरण कम करने, कुछ अपराध को अंजाम देने और कुछ पुराने कानूनों को हटाने जा रही है।
इसका उद्देश्य नागरिकों और व्यापारियों पर अनावश्यक आपराधिक बोझ कम करना तथा जीवन यापन में आसानी और व्यापार करने में आसानी को बढ़ावा देना है। साथ ही कुछ पुराने अधिनियमों को निरस्त करने का प्रावधान भी इसमें शामिल है।
इन पांचों विधेयकों के पारित होने के साथ जम्मू-कश्मीर में प्रशासन, कारोबार और कानूनी व्यवस्था से जुड़े कई क्षेत्रों में प्रस्तावित बदलावों को विधायी मंजूरी मिल गई है।
