अनंतनाग आतंकी हमले के बाद पूरी घाटी में हाई अलर्ट, 7 जिलों में एक साथ छापे, 2500 से अधिक OGW हिरासत में
अनंतनाग में आतंकी हमले के बाद कश्मीर घाटी में सुरक्षा एजेंसियां हाई अलर्ट पर हैं। 2500 से अधिक संदिग्ध ओवर ...और पढ़ें

अनंतनाग हमले के बाद कश्मीर में सुरक्षा कड़ी।
डिजिटल डेस्क, श्रीनगर। कश्मीर घाटी एक बार फिर दहशत के साए में है। कल दोपहर अनंतनाग के लाल चौक में आतंकियों ने एक पुलिस जवान को बेहद करीब से गोली मारकर शहीद कर दिया, जिसके बाद पूरी घाटी में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर आ गई हैं।
इस कायराना हमले के बाद जो कार्रवाई शुरू हुई है, वह हाल के महीनों में सबसे बड़ी मानी जा रही है। 2500 से अधिक संदिग्ध ओवर ग्राउंड वर्कर्स (OGWs) को पूछताछ और सत्यापन के लिए हिरासत में लिया गया है।
विश्वसनीय खुफिया सूचनाओं के आधार पर श्रीनगर, अनंतनाग, बारामुला, बडगाम, शोपियां, गांदरबल और अन्य जिलों में एक साथ जिला-व्यापी अभियान चलाया गया। इसका उद्देश्य उन नेटवर्कों की पहचान करना और उन्हें बेअसर करना है जो आतंकवादी संगठनों को रसद, वित्तीय, संचार, परिवहन, आश्रय और अन्य प्रकार की सहायता प्रदान करते हैं।
सूत्रों ने बताया कि बुधवार दोपहर अनंतनाग के लाल चौक इलाके में पुलिसकर्मी की हत्या के बाद कश्मीर में हाई अलर्ट जारी किया गया है।
घाटी भर में निगरानी तेज, चप्पे-चप्पे पर चेकिंग
सूत्रों ने बताया कि कश्मीर भर में सुरक्षा हाई अलर्ट पर है, जहां बलों ने निगरानी तेज कर दी है, चेक पॉइंट मजबूत कर दिए हैं और तलाशी अभियान शुरू कर दिया है। इस बीच, एक्स पर एक पोस्ट में श्रीनगर सीआरपीएफ सेक्टर ने भी कहा कि अनंतनाग में आतंकवादी हमले के बाद कश्मीर में सुरक्षा हाई अलर्ट पर रखी गई है।
कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सुरक्षा बलों ने निगरानी तेज कर दी है, चेक पॉइंट मजबूत किए हैं और तलाशी अभियान शुरू किया है। नागरिकों से सतर्क रहने और सुरक्षा बलों के साथ सहयोग करने का आग्रह किया जाता है। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने भी श्रीनगर के लोक भवन में सुरक्षा स्थिति और अमरनाथ यात्रा की समीक्षा के लिए एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता की।
700 श्रीनगर से, 100 से ज्यादा गांदरबल से हिरासत में
अधिकारियों ने कहा कि सबूत जुटाने और आतंकवादी तत्वों और उनके सहयोगियों द्वारा गैरकानूनी गतिविधियों को अंजाम देने के प्रयासों को रोकने के लिए कई स्थानों पर एक साथ छापे मारे गए।
श्रीनगर में लगभग 700 संदिग्ध OGWs को हिरासत में लिया गया, जबकि गांदरबल पुलिस ने 100 से अधिक लोगों को हिरासत में लिया। अनंतनाग, बारामुला, बडगाम और शोपियां जिलों में भी इसी तरह के बड़े पैमाने पर अभियान चलाए गए, जिससे घाटी भर में कुल 2500 से अधिक हिरासतों का आंकड़ा सामने आया है।
हिरासत में लिए गए व्यक्तियों से कानून के अनुसार पूछताछ की जा रही है ताकि केंद्र शासित प्रदेश की सुरक्षा के लिए हानिकारक गतिविधियों में उनकी भूमिका, यदि कोई हो, का पता लगाया जा सके।
आगे भी जारी रहेगा ऑपरेशन
पुलिस ने कहा कि यह चल रही कार्रवाई सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने, सुरक्षा बढ़ाने और राष्ट्र-विरोधी तत्वों को मौजूदा स्थिति का फायदा उठाने से रोकने के लिए एक निवारक उपाय के रूप में भी काम करती है।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, 'आतंकवाद समर्थक पारिस्थितिकी तंत्र को खत्म करने और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अन्य सुरक्षा और खुफिया एजेंसियों के साथ घनिष्ठ समन्वय में इस तरह के खुफिया-आधारित अभियान जारी रहेंगे।'
